प्रधानमंत्री मोदी ने किया गुजरात में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास


कच्छ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूबल एनर्जी पार्क भी शामिल है। इसकी स्‍थापना कच्‍छ जिले में भारत-पाकिस्‍तान सीमा के पास खावड़ा गांव में की जा रही है। प्रधानमंत्री ने जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया उनमें एनर्जी पार्क के अलावा एक डिसलाइनेशन संयंत्र और एक पूर्ण रूप से ऑटोमैटिक दूध प्रसंस्करण तथा पैकिंग प्लांट शामिल हैं। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज कच्छ में भी नई ऊर्जा का संचार हो रहा है और तीनों ही परियोजनाएं कच्छ की विकास यात्रा में नए आयाम लिखने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा हाईब्रिड रिन्यूएबल पार्क। जितना बड़ा सिंगापुर व बहरीन देश है, उतना बड़ा कच्छ में हाइब्रिड रिन्यूएबल पार्क होने वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक समय कहा जाता था कि कच्छ इतनी दूर है, विकास का नामोनिशान नहीं है। कनेक्टिविटी नहीं है। चुनौती का एक प्रकार से ये दूसरा नाम था। आज स्थिति ऐसी है कि लोग कुछ वक्त कच्छ में काम करने के लिए सिफारिश करते हैं।’’

कच्छ के मांडवी में प्रस्तावित डिसलाइनेशन संयंत्र से खारे पानी को स्‍वच्‍छ किया जाएगा तथा इससे तीन सौ गांवों की करीब आठ लाख जनसंख्‍या के लिए पीने के साफ पानी की व्‍यवस्‍था की जा सकेगी। यह संयत्र 10 करोड़ लीटर प्रति दिन की क्षमता (100 एमएलडी) के साथ नर्मदा ग्रिड, सौनी नेटवर्क और अपशिष्ट जल शोधन बुनियादी ढांचे के पूरक के रूप में गुजरात में जल सुरक्षा की स्थिति को मजबूत बनाएगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक हाइब्रिड रिन्यूबल एनर्जी पार्क देश का सबसे बड़ा रिन्यूबल एनर्जी उत्पादन पार्क होगा। यहां रिन्यूबल एनर्जी का उत्पादन 30 गीगावॉट तक पहुंचेगा। करीब 72,600 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस पार्क में पवन और सौर ऊर्जा संचय के लिए एक समर्पित हाइब्रिड पार्क क्षेत्र होगा। इसके साथ ही पवन ऊर्जा पार्क की गतिविधियों के लिए भी यहां एक विशेष क्षेत्र होगा। इनके अलावा प्रधानमंत्री ने कच्छ जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ, सरहद डेयरी द्वारा स्थापित किए जाने वाले एक संयंत्र का भी शिलान्यास किया। इस संयंत्र में दो लाख लीटर दूध को प्रशीतित करने की क्षमता होगी।