प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात को दी सौगात, किसान सूर्योदय योजना, रोप-वे और अस्पताल का किया शुभारंभ

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के लिए 3 प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर के पीडियाट्रिक हार्ट हॉस्पिटल, गिरनार में रोपवे और किसान सूर्योदय योजना शामिल हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज गुजरात को किसान सर्योदय योजना, यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च के साथ संबद्ध पीडियाट्रिक हार्ट अस्पताल और गिरनार रोपवे मिल रहा है। ये तीनों एक प्रकार से गुजरात की शक्ति, भक्ति और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं। इन सभी के लिए गुजरात के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में बरसों से गुजरात में जो काम हो रहे थे, वो इस योजना का बहुत बड़ा आधार बने हैं। एक समय था जब गुजरात में बिजली की बहुत किल्लत रहती थी, 24 घंटे बिजली देना बहुत बड़ी चुनौती रहती थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात देश का पहला राज्य था जिसने सौर ऊर्जा के लिए एक दशक पहले ही व्यापक नीति बनाई थी। जब साल 2010 पाटन में सोलार पावर प्लांट का उद्घाटन हुआ था तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन भारत दुनिया को ‘वन वन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ का रास्ता दिखाएगा।

उन्होंने कहा कि आज तो भारत सोलर पावर के उत्पादन और उसके उपयोग, दोनों मामलों में दुनिया के अग्रणी देशों में है। बीते 6 सालों में देश सोलर उत्पादन के मामले में दुनिया में पांचवे स्थान पर पहुंच चुका है और लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात ने तो बिजली के साथ सिंचाई और पीने के पानी के क्षेत्र में भी शानदार काम किया है। बीते दो दशकों के प्रयासों से आज गुजरात उन गांवों तक भी पानी पहुंच गया है, जहां कोई पहले सोच भी नहीं सकता था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुजरात के करीब 80 फीसदी घरों में आज नल से जल पहुंच चुका है। बहुत जल्द गुजरात देश के उन राज्यों में होगा जिसके हर घर में पाइप से जल पहुंचेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गुजरात के 21 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिला है। सस्ती दवाइयां देने वाले सवा 500 से ज्यादा जन औषधि केंद्र गुजरात में खुल चुके हैं। इसमें से लगभग 100 करोड़ रुपये की बचत गुजरात के सामान्य मरीजों को भी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसान की आय दोगुनी करने, लागत कम करने, उनकी परेशानी कम करने के लिए हमें अपने प्रयास बढ़ाने ही होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को कहीं भी अपनी उपज बेचने की आजादी देना हो, सिंचाई की अटकी हुई परियोजनाओं को पूरा करना हो, यूरिया की शत प्रतिशत नीम कोटिंग हो या फिर देश के करोड़ों किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड। इसका लक्ष्य यही है कि देश का कृषि क्षेत्र मजबूत हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गुजरात को जो तीसरा उपहार मिला है उसमें आस्था और पर्यटन दोनों ही आपस में जुड़े हुए हैं। गिरनार पर्वत पर मां अम्बे भी विराजती हैं, गोरखनाथ शिखर भी है, गुरु दत्तात्रेय का शिखर है और जैन मंदिर भी है। उन्होंने कहा कि यहां की सीढ़ियां चढ़कर जो शिखर पर पहुंचता है, वो अद्भुत शक्ति और शांति का अनुभव करता है। अब यहां विश्व स्तरीय रोप-वे बनने से सबको सुविधा मिलेगी, दर्शन का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अगर गिरनार रोप-वे कानूनी उलझनों में नहीं फंसा होता, तो लोगों को इसका लाभ बहुत पहले ही मिलने लग गया जाता। हमें सोचना होगा कि जब लोगों को इतनी बड़ी सुविधा पहुंचाने वाली व्यवस्थाओं का निर्माण, इतने लंबे समय तक अटका रहेगा, तो लोगों का कितना नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जब ये गिरनार रोपवे शुरू हो रहा है, मुझे खुशी है कि यहां लोगों को तो सुविधा मिलेगी ही साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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