कांग्रेस की कमान किसके हाथों में होगी सोनिया ने की इस्तीफे की पेशकश

नयी दिल्ली। कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दे पर पार्टी के दो खेमों में नजर आने की स्थिति बनने के बीच पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक जारी है। सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) से उन्हें पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष के पद से मुक्त करने को कहा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनसे पद पर बने रहने की अपील की। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी ने पद छोड़ने की पेशकश करते वक्त गुलाम नबी आजाद, अन्य द्वारा लिखे गए पत्र का हवाला दिया। सूत्रों ने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, ए के एंटनी ने नेतृत्व में बदलाव की मांग को लेकर कुछ नेताओं द्वारा लिखे गए पत्र की आलोचना की। सोनिया गांधी ने पार्टी का नया अध्यक्ष चुनने के लिए प्रक्रिया शुरू करने का आह्वान किया।

यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो रही है, जिसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। सीडब्ल्यूसी की बैठक से एक दिन पहले रविवार को पार्टी में उस वक्त नया सियासी तूफान आया गया जब पूर्णकालिक एवं जमीनी स्तर पर सक्रिय अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को 23 वरिष्ठ नेताओं की ओर से पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई। नेतृत्व के मुद्दे पर पार्टी दो खेमे में बंटी नजर आ रही है।

हालांकि, इस पत्र की खबर सामने आने के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ एवं युवा नेताओं ने सोनिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में भरोसा जताया और इस बात पर जोर दिया कि गांधी परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकता है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले एक नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि पत्र लिखने वाले नेताओं की पहली मांग है कि सोनिया पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर काम करना जारी रखें और अगर वह ऐसा इरादा नहीं रखती हैं तो राहुल को अपना इस्तीफा वापस लेकर पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर राहुल गांधी पार्टी को चलाना चाहते हैं तो उन्हें इसकी घोषणा सीडब्ल्यूसी में करनी चाहिए कि वह अपना इस्तीफा वापस लेते हैं और पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे।’’ इस नेता का कहना है कि 23 नेताओं का यह समूह ‘आर-पार’ के लिए भी तैयार है।
उनके मुताबिक, ये नेता पत्र को आधिकारिक रूप से जारी भी कर सकते हैं और यह सीडब्ल्यूसी की बैठक के नतीजे पर निर्भर करता है। इस पत्र से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस की कई प्रदेश इकाइयों के अध्यक्षों और सांसदों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उनके और राहुल गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताया है। सूत्रों का कहना कि इस बैठक में सोनिया गांधी पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर सकती हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद समेत 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में सामूहिक नेतृत्व की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलना चाहिए जो जमीन पर सक्रिय हो तथा कांग्रेस मुख्यालय एवं प्रदेश कांग्रेस कमिटियों के मुख्यालय में भी उपलब्ध हो।