ममता बनर्जी ने एक बार फिर साधा बीजेपी पर निशाना, यूपी में क्या हो रहा है?

कोलकाता। अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और राज्य में जारी सियासी हिंसा के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर बीजेपी पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने यहां के लोगों को नजरअंदाज किया इसलिए पश्चिम बंगाल के लोग उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे। ममता ने बीजेपी नीत एनडीए सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के बलबूते अपनी ताकत बढ़ाने और विपक्षी शासित राज्यों की चुनी हुई सरकारों को गिराने की “साजिश रचने” का आरोप लगाया। कानपुर गोलीबारी कांड का जिक्र करते हुए ममता ने यूपी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूपी में हर तरफ जंगलराज कायम है। आलम यह है कि योगी सरकार ने मामले में सबूत तक मिटवा दिए।

ममता बनर्जी ने एक रैली में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘केंद्र सरकार ने हमें नजरअंदाज किया। पश्चिम बंगाल के लोग उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बाहरी लोग राज्य को नहीं चलाएंगे। यहां कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है। वे सिर्फ लोगों को मारने और चीजों को जलाने की बात करते हैं।’ ममता ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और पैसे के बल पर बंगाल की निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से साजिश रची जा रही है। बीजेपी सबसे विनाशकारी पार्टी है जिसे देश ने कभी देखा है।

ममता ने कहा कि जब देश कोरोना महामारी से लड़ने में व्यस्त है, तब बीजेपी मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान और पश्चिम बंगाल में चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने में व्यस्त है। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि गुजरात को सभी राज्यों पर शासन क्यों करना चाहिए? संघीय ढांचे की क्या जरूरत है? एक राष्ट्र-एक पार्टी सिस्टम’ बनाएं। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे देश में “भय का शासन” व्याप्त है। टीएमसी नेता ने लोगों से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी को वोट देने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “बंगाल के लोग राज्य का शासन करेंगे, बाहरी लोगों और गुजरात के लोग नहीं। हमें यह तय करना चाहिए कि बीजेपी के सभी उम्मीदवारों की जमानत जमा जब्त हो।

ममता बनर्जी अपनी पार्टी द्वारा आयोजित किए गए शहीद दिवस के मौके पर बोल रही थीं। इस दिन 1993 को तृणमूल के 13 कार्यकर्ता पुलिस गोलीबारी में मारे गए थे। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए तृणमूल कांग्रेस हर 21 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाती है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा था, ‘आज 21 जुलाई है यानी शहीद दिवस। आज के दिन ही 1993 में हमारे 13 कार्यकर्ता पूर्ववर्ती सरकार द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए थे। हम इस मौके पर राजनीतिक हिंसा के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हैं।’

‘कोरोना से चलते अलग तरीके से रैली’
सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘हम शहीदों की याद में 1993 से वार्षिक रैली का आयोजन कर रहे हैं। हालांकि, महामारी की स्थिति के कारण इस साल हम अपनी वार्षिक 21 जुलाई शहीद दिवस रैली को एक अलग तरीके से आयोजित कर रहे हैं।’

बता दें कि पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बार मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच होगा। इसको लेकर दोनों दल तैयारियों में जुटे हैं। पिछले दिनों उत्तर दिनाजपुर में बीजेपी विधायक देवेद्र नाथ रे का शव मिलने पर काफी सियासी बवाल देखने को मिला था।

बीजेपी ने सीधे हत्या का आरोप लगाया था जबकि पुलिस ने इसे सुइसाइड केस बताया था। इस मामले में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के पास जाकर सीबीआई जांच की मांग भी की थी।