रास में बोले आनंद शर्मा, किसी भी दल का घोषणापत्र संविधान से बड़ा नहीं

नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश होने के बाद गृह मंत्री के भाषण के उपरांत कांग्रेस की ओर से आनंद शर्मा बोलने के लिए उठे और उन्होंने सरकार की नीयत और नीति को कटघरे में खड़ा कर दिया। शर्मा ने कहा कि पहले और अब के बिल में काफी अंतर है, सबसे बात करने का जो दावा किया जा रहा है उससे मैं सहमत नहीं हूं। इतिहास इसको कैसे देखेगा, उसे वक्त बताएगा। कांग्रेस नेता बोले कि इस बिल को लेकर जल्दबाजी क्यों हो रही है, संसदीय कमेटी के पास इसे भेजा जाता और तब लाया जाता। शर्मा ने बिल को संवैधानिक, नैतिक आधार पर गलत बताते हुए इसे प्रस्तावना के खिलाफ करार दिया।

आनंद शर्मा ने कहा कि बिल संविधान निर्माताओं पर सवाल उठाता है, क्या उन्हें इसके बारे में समझ नहीं थी। पाकिस्तान से आए दो नेता प्रधानमंत्री भी बने हैं। कांग्रेस नेता बोले कि टू नेशन थ्योरी कांग्रेस पार्टी ने नहीं दी थी, वो सावरकर ने हिंदू महासभा की बैठक में दी थी। आनंद शर्मा ने कहा कि गृह मंत्री ने बंटवारे का आरोप उन कांग्रेसी नेताओं पर लगाया जिन्होंने जेल में वक्त गुजारा, ये राजनीति बंद होनी चाहिए। आनंद शर्मा बोले कि कांग्रेस ने टू नेशन थ्योरी का विरोध किया था, उसे बैन भी कर दिया गया था। हिंदू महासभा, मुस्लिम लीग ने दो देशों की थ्योरी का समर्थन दिया, हिंदुस्तान का बंटवारा अंग्रेजों की वजह से हुआ कांग्रेस नहीं। नया इतिहास मत लीखिए। किसी भी दल का घोषणापत्र संविधान से बड़ा नहीं होता है। गौरतलब है कि गृह मंत्री ने बिल पेश करते हुए कहा था कि बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में लिखा था कि वो ये बिल लेकर आएंगे। जिसे जनसमर्थन भी मिला।