भाई से बोली उन्नाव पीड़िता, ‘क्या मैं बच जाऊंगी? मैं मरना नहीं चाहती’

नई दिल्ली/उन्नाव। उन्नाव रेप विक्टिम की हालत बेहद गंभीर है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है, लेकिन भयानक दर्द में भी वह अपने गुनहगारों के लिए कड़ी सजा मांग रही है। उसने अपने भाई से भी कहा कि उसके गुनहगारों को छोड़ना नहीं। सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उसे बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है। पीड़िता का कहना है कि वह मरना नहीं चाहती है।

फदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया, ‘पीड़िता को जब लखनऊ से दिल्ली शिफ्ट किया गया तो वह थोड़ी होश में थी और बार-बार एक ही बात कह रही थी, मैं बच तो जाऊंगी न? मैं मरना नहीं चाहती हूं।’ उसने अपने भाई से भी कहा, उसके गुनहगारों को छोड़ना नहीं।

डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि पीड़िता के अंग काम कर रहे हैं, लेकिन वह अभी बेहोशी की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा, ‘हम उसे बचाने की हर कोशिश कर रहे हैं। लेकिन शुरुआत के 72 घंटे बेहद नाजुक होते हैं। अभी वह बेहोश है और हम ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं।’

बता दें कि 23 साल की पीड़िता को लखनऊ के सिविल अस्पताल से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बीती रात शिफ्ट किया गया था। गुरुवार सुबह जब पीड़िता उन्नाव से रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़कर रही थी, तभी 5 लोगों ने उस पर केरोसीन फेंककर आग लगा दी थी। महिला ने इसी साल मार्च महीने में रेप केस दर्ज कराया था, जिसका उन्नाव की एक लोकल कोर्ट में ट्रायल चल रहा था।