प्रधानमंत्री मोदी देंगे तीन बड़ी योजनाओं की सौगात: रघुवर दास

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां नवनिर्मित विधानसभा भवन का 12 सितम्बर को उद्घाटन करने के साथ राज्य की धरती से पूरे देश को तीन बड़ी योजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री ने यहां मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी रांची में आयोजित होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, खुदरा व्यापारी एवं स्वरोजगार पेंशन योजना एवं एकलव्य मॉडल विद्यालय का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री झारखण्ड विधानसभा के नये भवन एवं साहेबगंज में मल्टीमॉडल बंदरगाह का उद्घाटन करेंगे और 1238 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले झारखण्ड सचिवालय के नए भवन का शिलान्यास करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी ने जिस उद्देश्य के साथ झारखंड को अलग राज्य बनाया था, उसे पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी झारखंड से ही कई बड़ी योजनाओं की शुरुआत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री दास ने कहा कि किसानों के जीवन में सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए मासिक पेंशन के रूप में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के उम्र के किसानों का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। किसानों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3000 रुपए मासिक पेंशन मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लिए झारखंड में एक लाख नौ हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री 12 सितम्बर को यहां से देश में खुदरा व्यापारी, दुकानदार एवं स्वरोजगार पेंशन योजना की भी शुरुआत करेंगे। भारत की आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने खुदरा व्यापार करने वाले देश के दुकानदारों और स्वरोजगार करने वाले को पेंशन की योजना से जोड़ने की पहल की है। इसके तहत 18 से 40 वर्ष के खुदरा व्यापारियों एवं दुकानदारों को भी 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3000 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलेगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री इस मौके पर देश के जनजातीय क्षेत्रों में 462 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का आनलाइन शिलान्यास करेंगे। इसके तहत झारखण्ड के 13 जिलों में 69 एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को शहरों की तरह ही गांव मेंगुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसी लिए एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों का विकास सरकार की मुख्य प्राथमिकता है।