निर्मला सीतारमण ने ऑटो सेक्टर में मंदी के लिए ओला-उबर को ठहराया जिम्मेदार

चेन्नई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि वाहन क्षेत्र में नरमी के कारणों में युवाओं की सोच में बदलाव भी है। लोग अब खुद का वाहन खरीदकर मासिक किस्त देने के बजाए ओला और उबर जैसी आनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाताओं के जरिये वाहनों की बुकिंग को तरजीह दे रहे हैं। सीतारमण ने कहा कि दो साल पहले तक वाहन उद्योग के लिये ‘अच्छा समय’ था। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि निश्चित रूप से उस समय वाहन क्षेत्र के उच्च वृद्धि का दौर था।

 

मंत्री ने कहा कि क्षेत्र कई चीजों से प्रभावित है जिसमें भारत चरण-6 मानकों, पंजीकरण संबंधित बातें तथा सोच में बदलाव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन बताते हैं कि गाड़ियों को लेकर युवाओं की सोच बदली है। वे स्वयं का वाहन खरीदकर मासिक किस्त देने के बजाए ओला, उबर या मेट्रो (ट्रेन) सेवाओं को पसंद कर रहे हैं। सीतारमण ने कहा कि अत: कोई एक कारण नहीं है जो वाहन क्षेत्र को प्रभावित कर रहे हैं। हमारी उस पर नजर है। हम उसके समाधान का प्रयास करेंगे। भारत चरण-6 उत्सर्जन मानक एक अप्रैल 2020 से प्रभाव में आएगा। फिलहाल वाहन कंपनियां भारत चरण-4 मानकों का पालन कर रही हैं।