इस्तीफे पर बोले अमरिंदर, ‘मुझे उनसे कोई मतभेद नहीं, लेटर पढ़कर लूंगा फैसला’

चंडीगढ़। नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अभी इसे पढ़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि पढ़ने के बाद ही फैसला लेंगे। बता दें कि सिद्धू ने सोमवार को ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि मंत्री पद से उनका इस्तीफा सीएम अमरिंदर सिंह के पास पहुंच गया है। इससे पहले सिद्धू ने अपने इस्तीफे की चिट्ठी सार्वजनिक करते हुए कहा था कि 10 जून को ही उन्होंने अपने इस्तीफे का खत राहुल गांधी को सौंप दिया था।

अमरिंदर ने कहा, ‘मैंने कई मंत्रियों के विभाग बदले लेकिन सिर्फ सिद्धू को ही दिक्कत हुई। पंजाब का पावर सेक्टर संकट में है। अगर वह काम नहीं करना चाहते तो मैं कुछ नहीं कर सकता। सरकार में एक अनुशासन रहना चाहिए।’ बता दें कि कैबिनेट फेरबदल के बाद सिद्धू को बिजली मंत्रालय दिया गया था। कैप्टन ने यह भी कहा कि सिद्धू को जो जिम्म्मेदारी दी गई थी, उन्होंने ठीक ने नहीं निभाई।

लोकसभा चुनाव के दौरान कैप्टन अमरिंदर और सिद्धू के बीच तल्खियां बढ़ गई थीं। पार्टी के एक सूत्र का कहना है, ‘सिद्धू स्थानीय निकाय विभाग छीने जाने के सीएम अमरिंदर के फैसले से नाराज थे और इस मसले पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से दखल का इंतजार कर रहे थे। लेकिन ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार नहीं संभालने के बाद सीएम अमरिंदर की तरफ से किसी कार्रवाई के अंदेशे को देखते हुए सिद्धू ने अपने इस्तीफे को सार्वजनिक करने का फैसला किया।’

अमरिंदर ने आगे कहा कि उनके सिद्धू से कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी मिसेज सिद्धू (नवजोत कौर) का विरोध नहीं किया, बल्कि मैंने ही उन्हें बठिंडा से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए सिफारिश की थी। बल्कि सिद्धू ने ही सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पत्नी बठिंडा से नहीं बल्कि चंडीगढ़ से लड़ना चाहती है। तो यह वह तय नहीं करेंगे, यह तो पार्टी के निर्णय लेने की चीज है।’
सिद्धू ने कैप्टन को भेजा इस्तीफा
इससे पहले सिद्धू ने सोमवार को ट्वीट करते हुए कहा, ‘आज मैंने पंजाब के मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उनके आधिकारिक आवास पर त्यागपत्र की चिट्ठी पहुंच गई है।’ रविवार को सिद्धू ने कहा था कि मैं अपना इस्तीफा पंजाब के सीएम को भेज रहा हूं। खास बात यह है कि दोनों ट्वीट में सिद्धू ने अमरिंदर सिंह का नाम ना लेते हुए उन्हें पंजाब के सीएम के रूप में संबोधित किया है।