संकट में घिरी कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार

बेंगलुरु। कर्नाटक में जारी सियासी ड्रामा चरम पर है। संकट में घिरी कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार अब अल्पमत में आती दिख रही है। 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद निर्दलीय विधायक नागेश ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। इस बीच सरकार को बचाने की अंतिम कोशिश के तहत मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने सभी 21 मंत्रियों से इस्तीफे दिलवा दिए हैं। इसे बागी विधायकों को मनाने और उन्हें भावी मंत्रिमंडल में जगह देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। यह भी खबरें हैं कि खुद कुमारस्वामी भी इस्तीफा दे सकते हैं। बता दें कि बागी विधायक उन्हें मुख्यमंत्री देखने को तैयार नहीं हैं।

बीजेपी के पक्ष में गणित शनिवार से अब तक कांग्रेस-जेडीएस के पास कुल 14 विधायक कम हो गए। सदन में गठबंधन का संख्या बल 104 रह गया है, जबकि मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के पास विधानसभा में कुल 105 सदस्य हैं। ऐसे में बीजेपी सरकार गठन की कोशिश कर सकती है। निर्दलीय विधायक नागेश ने गवर्नर को पत्र लिखकर कांग्रेस-जेडीएस सरकार से समर्थन वापस लेने के साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि बीजेपी समर्थन मांगती है तो वह उसके साथ हैं। इस्तीफा देने के बाद नागेश भी मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं। बता दें कि कांग्रेस-जेडीएस के 13 बागी विधायक मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं।

हालांकि विधानसभा स्पीकर ने विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए हैं। स्पीकर रमेश कुमार का कहना है कि फिलहाल वह छुट्टी पर हैं और मंगलवार को इस पर विचार करेंगे। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के अमेरिका दौरे के वक्त विधायकों के इस्तीफे हुए थे। इसके बाद वह रविवार दोपहर को ही कर्नाटक पहुंचे और तब से लगातार मीटिंगों का दौर जारी है। कांग्रेस ने फिलहाल अपने कोटे के सभी मंत्रियों से इस्तीफे ले लिए हैं ताकि असंतुष्टों को शामिल किया जा सके। हालांकि अब भी बागी विधायक वापस लौटने को तैयार नहीं दिखते।

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 113 है। कांग्रेस-जेडीएस सरकार के पास 118 विधायकों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन अब तक 14 लोगों के इस्तीफे के बाद गठबंधन के पास 104 का ही समर्थन है। दूसरी तरफ बीजेपी के पास कुल 105 विधायक हैं और नागेश के समर्थन से उसका आंकड़ा 106 होगा, जो मौजूदा संख्या के अनुसार सरकार गठन के लिए जरूरी है। ऐसे में सरकार बनाने का गणित बीजेपी के साथ है और वह इस पर आगे बढ़ सकती है। हालांकि अभी बीजेपी के नेता कुछ भी कहने से बच रहे हैं। रविवार को पूर्व सीएम और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि इस पर हमारी नजर है। देखें और इंतजार करें।
कांग्रेस और जेडीएस विधायकों के इस्तीफे के पहले गठबंधन सरकार के पास 118 विधायकों का समर्थन था। इनमें कांग्रेस के 79, जेडीएस के 37 और दो निर्दलीय विधायक शामिल थे। 224 सदस्यों वाली विधानसभा में यह बहुमत के जादुई आंकड़े 113 से 5 ज्यादा था। अगर बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तब राज्य विधानसभा में सदस्यों की संख्या घटकर 210 हो जाएगी। ऐसे में मैजिक नंबर घटकर 106 पहुंच जाएगा। विधायकों के इस्तीफे के चलते कांग्रेस-जेडीएस के पास 104 ही मेंबर हैं (स्पीकर छोड़कर) और बीजेपी के पास 105 का आंकड़ा है। फिलहाल विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं हुए हैं लेकिन अगर इन पर मुहर लगती है तो बहुमत जुटाने के लिए एक-एक विधायक का वोट बहुत अहम हो जाएगा।

कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने इस घटनाक्रम में बीजेपी का हाथ बताया है। सुरेश ने कहा कि इस तोड़फोड़ के पीछे बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं का हाथ है। बीजेपी के लोग इस सरकार और देश के किसी भी राज्य में विपक्षी सरकार को चलने नहीं देना चाहते। वे लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं।
लोकसभा में मुद्दा उठाएगी कांग्रेस, अधीर रंजन बोले- बीजेपी शिकारी दल
इस बीच कांग्रेस ने कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे के मसले को लोकसभा में उठाने की भी तैयारी कर ली है। सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम संसद में कर्नाटक के मुद्दे को उठाने का प्रयास करेंगे, लेकिन हम अपने हथियारों को उजागर नहीं करेंगे, लेकिन यह साफ है कि बीजेपी शिकारी दल है।

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