मुझे नहीं लगता कि मेरे अंदर निर्देशक बनने के गुण हैं, मैं अभिनेत्री बनकर ही खुश हूं : स्वरा

नई दिल्ली। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में हाथ आजमाने की कोशिश करने को तैयार बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर को फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने बताया कि वह किसी भी फिल्म का निर्देशन नहीं करना चाहतीं, क्योंकि उनके पास वो नजरिया और दृष्टिकोण नहीं है जो एक निर्देशक की होनी चाहिए।

लक्मे फैशन वीक में स्वरा ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मेरे अंदर निर्देशक बनने के गुण हैं। मैं अभिनेत्री बनकर ही खुश हूं और साथ ही निर्माता बन कर भी। स्वरा अपनी निर्माता कंपनी कहानीवाले के बैनर तले कृष्णा सेन की जीवनी पर आधारित फिल्म का निर्माण कर रही हैं। यह फिल्म कृष्णा सेन उर्फ स्वीटी सेन की सच्ची कहानी पर आधारित है। इस बेनाम फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला के ईद-गिर्द घूमती है जो खुद को पुरु ष बताती है और दो महिलाओं से विवाह भी करती है। ‘‘अनारकली ऑफ आरा’ की इस अभिनेत्री ने बताया कि यह किरदार उनके सबसे ज्यादा मांग की जानेवाले किरदारों में से एक है। उन्होंने आगे बताया, मैं एक ऐसे फिल्म का निर्माण कर रही हूं जो एक महिला की जीवनी से प्रेरित है। महिला पुरु षों के परिधान धारण कर पुरु ष बन जाती है, जिसकी वजह से यह किरदार मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण है। आपके लिए ज्यादा भयावह क्या था। अभिनय करना या फिल्म का निर्माण करना? इस प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ये दोनों ही अपने स्तर पर भयावह हैं। वैसे फिल्म का निर्माण करना उत्साहित करने वाली चुनौती है। लक्मे फैशन वीक में स्वरा शो-टॉपर थीं, उन्होंने डिजाइनर प्रीति जैन नैनुटिया के परिधान पहन रखे थे।