महिलाओं को कमजोर महसूस या अपने आप को कसूरवार नहीं ठहराना चाहिए : शिल्पा शेट्टी

मुंबई। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने कहा कि वक्त आ गया है जब महिलाएं अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के बारे में बात करें लेकिन ‘‘मी टू’’ हैशटैग के साथ नहीं बल्कि ‘‘यू टू’’ के साथ क्योंकि इसमें कसूरवार पुरुष हैं। शिल्पा ने दस साल पहले एक फिल्म के सेट पर नाना पाटेकर के कथित उत्पीड़न के बारे में बात करने के लिए तनुश्री दत्ता की सराहना की और कहा कि इससे एक अभियान की शुरुआत हुई है।शिल्पा ने कहा, ‘‘किसी भी परिवेश में कलाकारों, उद्यमियों के लिये काम करने का माहौल सुरक्षित होना चाहिए। यह एक शर्त होनी चाहिए। तनुश्री दत्ता ने जो अभियान चलाया है उसमें मैं एक महिला और एक इंसान के तौर पर उनके साथ हूं क्योंकि ऐसी चीजों को दबा दिया जाता है।’’ पाटेकर ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। शिल्पा ने कहा कि महिलाओं को कमजोर महसूस या अपने आप को कसूरवार नहीं ठहराना चाहिए बल्कि आज के समय में मजबूत रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम नहीं जानते कि क्या चल रहा है लेकिन इससे एक अभियान की शुरुआत हुई है। लोगों ने सहा है। अब समय आ गया कि महिलाएं जाग गई हैं और उन्होंने कमान संभाल ली है। हैशटैग मी टू नहीं हो सकता बल्कि यह पुरुषों के लिए यू टू होना चाहिए।’’ शिल्पा यहां स्केचर्स मुंबई वॉकाथन में बोल रही थीं। अभिनेत्री ने कहा कि वह इसलिए फिट नहीं रहना चाहती क्योंकि वह अभिनेत्री है बल्कि वह फिटनेस उत्साही हैं। उन्होंने इसके लिए अपने पिता का आभार जताया।