पटना में परीक्षा का एडमिट कार्ड नहीं मिलने से आक्रोशित छात्रों ने किया प्रदर्शन

पटना. मगध विवि के स्नातक तृतीय समेस्टर की परीक्षा में भाग लेने के लिए एडमिट कार्ड जारी नहीं किये जाने से नाराज सर गणेश दत्त कॉलेज के छात्रों ने राजधानी पटना के आरपीएस मोड़ पर जम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि एक अक्टूबर (सोमवार) से परीक्षा होना है. लेकिन अभी तक एडमिट कार्ड नहीं आया है. छात्रों का कहना है कि अगर हमलोग इस बार परीक्षा नहीं दे पाते हैं तो, हमारा एक साल बेकार हो जायेगा. वहीं, दूसरी ओर पटना के संत जेवियर कॉलेज में भी आज छात्रों ने आगजनी कर प्रदर्शन किया है.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. छात्रों के आरपीएस मोड़ पर प्रदर्शन के कारण बेली रोड पर यातायात बाधित हो गया है. छात्रों के विरोध को देखते हुए चालकों ने अपनी-अपनी गाड़ी जहां-तहां खड़ी कर दी है. वहीं, प्रदर्शन के दौरान जाम हटाने को लेकर असामाजिक तत्व ने फायरिंग कर दी. इससे कुछ देर के लिए छात्र तितर-बितर तो हो गये. लेकिन, कुछ ही देर बाद छात्रों ने फायरिंग को लेकर अपना प्रदर्शन और उग्र कर दिया है. बेली रोड़ पर परिचालन पूरी तरह ठप हो गयी है.

गंभीर हालात को देखते हुए मौके पर चार थानों की पुलिस कैंप कर रही है. मगर, छात्रों के आगे पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है. छात्रों का आरोप है कि सोमवार से परीक्षा शुरू होने वाली है, लेकिन अब तक परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रवेश पत्र विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं किया गया है.मिल रही खबरों के मुताबिक एडमिट कार्ड जारी नहीं किये जाने के कारण राज्य के कई जगहों पर मगध विवि के छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले दिनों भी छात्रों के प्रदर्शन की बाते सामने आयी थी. जिससे पूरे बिहार के हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है. कॉलेज प्रशासन से जब बात की गयी तो वे मान्यता रद्द होने की बात कह चुप्पी साध ले रहे हैं.

राज्य सरकार ने मगध यूनिवर्सिटी के 28 सामान्य डिग्री कॉलेजों की संबद्धता अस्वीकृत कर दी थी. इसके बाद प्रोवीसी केएन पासवान के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित की गयी थी और उस कॉलेजों के छात्रों को अंगीभूत कॉलेजों से टैग करा कर पार्ट एक और पार्ट दो का परीक्षा दिलाया गया था. जिसे राज्य सरकार ने मान लिया था. पर मान्यता रद्द कॉलेज के तरफ दायर किये गये रिट पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने छात्रों के रिजल्ट पर रोक लगा दिया था. जिसके बाद मगध यूनिविर्सिटी ने इन कॉलेज के छात्रों को पार्ट थर्ड के परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दिया, जिससे लगभग 86 हजार छात्र का भविष्य दांव पर लग गया है.