अल्पसंख्यकों पर दबाव घटाने की अपील का चीन ने किया खंडन

पेइचिंग। चीन ने इस खबर का खंडन किया कि शिनजियांग में अल्पसंख्यकों पर दबाव घटाने की अपील की है। बता दें कि चीन में अल्पसंख्यकों को हिरासत में लेने और धार्मिक गतिविधियों पर पाबंदी की खबरें आती रहती हैं। ऐसा दावा किया जा रहा था कि पाकिस्तान की नई सरकार ने वहां मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर दबाव घटाने की अपील की है।

चीन ने इस अशांत क्षेत्र में अपनी नीतियों का बचाव किया। पिछले हफ्ते इस्लामाबाद से खबर आई थी कि चीनी दूत याओ झिंग के साथ भेंट के दौरान पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री नुरुल हक कादरी ने चीन से शिनजियांग में मुसलमानों खासकर उइगर मुसलमानों पर दबाव घटाने की अपील की। मानवाधिकार संगठनों ने कहा कि चीन में उइगर धार्मिक गतिविधियों पर पाबंदी से जूझते हैं और उन्हें बड़ी संख्या में शिक्षण शिविरों में डाल दिया जाता है। पाकिस्तान का चिंता प्रकट करना (चीन के लिए) संबंधी खबर आश्चर्यजनक है क्योंकि पाकिस्तान शिनजियांग में चीन की कड़ी नीतियों के बारे में सदैव चुप रहा है।

शिनजियांग में उइगर मुसलमान अन्य प्रांतों के एक जातीय समूह हान के साथ समझौते को लेकर सालों से अशांत रहे हैं। चीन इस प्रांत और देश के अन्य क्षेत्रों में हिंसक हमलों का दोष ‘ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट’ पर मढ़ता है। चीन के समक्ष पाकिस्तान के चिंता प्रकट करने संबंधी खबर के बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘ पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री से भेंट की और दोनों ने आपस में चर्चा की। पाकिस्तान धार्मिक प्रगति के संवर्धन में चीन के प्रयासों का समर्थन करता है।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ विदेशी मीडिया ने चीजें तोड़-मरोड़ कर पेश की और उस कार्यक्रम को गलत ढंग से सामने रखा। हम उसका कड़ा विरोध प्रकट करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘शिनजियांग में विकास एवं एकता के स्थायित्व में संवर्धन और लोगों की जीविका में सुधार के लिए हमने कई कदम उठाए हैं और नीतियां अपनायी हैं।’