UN में अमेरिका के संबोधन की परंपरा टूटी

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम परिचर्चा में पारंपरिक रूप से ब्राजील के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का संबोधन होता है लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वजह से यह परिपाटी टूट गई। वह अपने संबोधन के लिए देर से संयुक्त राष्ट्र पहुंचे और अपने निर्धारित वक्त पर संबोधित नहीं कर पाए। ब्राजील के राष्ट्रपति माइकल टेमर ने 73वें संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र आम परिचर्चा को संबोधित किया। मौजूदा चलन में महासभा के अध्यक्ष की बैठक के बाद महासचिव बयान देते हैं जिसके बाद महासभा के अध्यक्ष और फिर ब्राजील और अमेरिका के प्रतिनिधियों का संबोधन होता है। दूसरे स्थान पर, अमेरिकी राष्ट्रपति संबोधित करते हैं लेकिन आम परिचर्चा के लिए ट्रंप देर से पहुंचे और महासभा के मौजूदा सत्र की अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को संबोधित करने के लिए बुलाया। परिचर्चा में सदस्य राष्ट्र का संबोधन होता है और इसके बाद जरूरत पड़ने पर जवाब दिया जाता है। कुछ अपवाद को छोड़कर वर्ष 1955 में 10 वें सत्र से ब्राजील पहले संबोधित करता है और दूसरे नंबर पर अमेरिका का संबोधन होता है।