भाजपा का माओवादी ‘शुभचिंतकों’ की गिरफ्तारी के मामले में कांग्रेस के विरोध पर तीखा पलटवार

नई दिल्ली। बीजेपी ने माओवादी ‘शुभचिंतकों’ की गिरफ्तारी के मामले में कांग्रेस के विरोध पर तीखा पलटवार करते हुए उसे नक्सलियों के प्रति सद्भावना रखने वाली पार्टी करार दिया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंगलवार को कहा कि कांग्रेस जब भी सत्ता में रही है, उसने माओवाद को लेकर दोहरा रवैया अपनाया है। मनमोहन सिंह और कुछ लोग कहते थे कि माओवादियों से बड़ा देश के लिए कोई और खतरा नहीं है। वहीं, यूपीए सरकार के मंत्रियों में से आधे नक्सलियों के साथ थे और आधे खिलाफ थे। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी स्तर तक समझौता कर सकती है।

पात्रा ने विनायक सेन का उदाहरण देते हुए कहा, ‘विनायक सेन को 2010 में देशद्रोह में अपराधी घोषित किया गया था। इसके बाद उन्हें प्लानिंग कमिशन की स्वास्थ्य समिति में नियुक्ति दी गई।’ पात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश पर भी अटैक करते हुए कहा, ‘महेश राउत को भीमा कोरेगांव हिंसा में अरेस्ट किया गया था। वह यूपीए सरकार के दौर में भी अरेस्ट किए गए थे। उनके मसले पर जयराम रमेश ने पृथ्वीराज चव्हाण को पत्र लिखा था। रमेश ने कहा था कि मैंने अपने सूत्रों से पता लगा लिया है कि वह भला आदमी है। प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलो का वह हिस्सा थे। यह माओवाद का मेन स्ट्रीम में आना है।’

कांग्रेस नेताओं पर नक्सलियों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए पात्रा ने कहा, ‘एक दिन में यदि सुरक्षा बलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है तो वह दंतेवाड़ा में हुआ है, जहां 76 सीआरपीएफ कर्मियों की हत्या कर दी गई। ब्लूस्टार ऑपरेशन के बाद एक दिन में होने वाला यह बड़ा नुकसान है।’ लेकिन, कांग्रेस के कई नेता ऐसे माओवादियों के साथ रोमांस में व्यस्त थे।

बीजेपी लीडर ने कहा, ‘एक पत्र ऐसा मिला है, जिसमें प्रदर्शन के लिए माओवादियों को फंड देने की बात कही गई है और उसमें कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का नंबर मिला है, जो राहुल गांधी के गुरु हैं।’ उन्होंने कहा, ‘2011 में मलकानगिरी के कलेक्टर को एक जेई के साथ अगवा किया गया था। इसके बदले में 8 माओवादियों की रिहाई की मांग की गई थी। रिहा किए गए नक्सलियों में ए. पदमा नाम की महिला भी शामिल थी। वह टॉप माओवादी ए. हरगोपाल उर्फ रामकृष्ण की पत्नी थी। आपको आश्चर्य होगा कि यही ए. पदमा एनएसी के हर्ष मंदर के अनाथालय की इंचार्ज थी।’

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे तभी कांग्रेस की ओर से मनीष तिवारी ने भी मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब हमने 5 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी देखी है। कांग्रेस के प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘अगर यह अघोषित आपातकाल नहीं तो क्या है? यह न केवल बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है बल्कि यह भारत के संविधान पर भी अटैक है।’