सरकार का मानना है कि कुछ दिनों में रुपया फिर से मजबूती हासिल कर लेगा

नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू में लगातार गिरावट के बीच केंद्र सरकार की तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू हो गई हैं। वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार का मानना है कि कुछ दिनों में रुपया फिर से मजबूती हासिल कर लेगा।
आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने रुपये में जारी ऐतिहासिक गिरावट पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा, ‘स्थिति फिलहाल चिंताजनक नहीं है। यह गिरावट बाहरी कारकों की वजह से हो रही है, इसलिए आगे जाकर इसमें सुधार होने की उम्मीद है।’ गर्ग का बयान ऐसा वक्त में आया है जब रुपया डॉलर के मुकाबले पहली बार 70 के पार (7.085 रुपये) पहुंच गया और कांग्रेस, आम आदमी पार्टी जैसी विपक्षी पार्टियां सरकार पर हमलावर हैं।

आज लगातार दूसरे दिन हुई ऐतिहासिक गिरावट के बाद कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर कहा कि आखिरकार मोदी सरकार ने वह कर दिखाया जो 70 सालोंं में कभी नहीं हुआ था। उधर, आम आदमी पार्टी ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर रुख अपनाते हुए ट्वीट किया, ‘जनता झेल रही है मार, रुपया पहुंचा 70 के पार, अब तो जागो मोदी सरकार!’

गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा तुर्की से मेटल इंपोर्ट पर ड्यूटी दोगुनी करने की वजह से दुनियाभर के बाजारों पर इसका असर देखा जा रहा है। पहले से ही बेहाल तुर्की की करंसी लीरा की वैल्यू में भारी गिरावट आने के बाद उभरते देशों की मुद्राओं में कमजोरी आई है, जिसकी गिरफ्त में सोमवार से ही रुपया भी आ गया। इस दिन इसमें पांच साल की सबसे बड़ी गिरावट आई। रुपया 1.58 पर्सेंट की गिरावट के साथ 68.93 के रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया था।

ऐसी अटकलें हैं कि बिकवाली इतनी तेज थी कि रिजर्व बैंक ने भी रुपये में कमजोरी को रोकने की कोशिश नहीं की। सोमवार देर शाम को डेरिवेटिव मार्केट में डॉलर के मुकाबले रुपया 70 का लेवल पार कर चुका था। इससे पता चलता है कि भारतीय मुद्रा में अभी बिकवाली रुकी नहीं है।