मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की संभावनाएं धूमिल कीं : गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अराजकता फैलाकर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की सभी संभावनाओं को फिलहाल समाप्त कर दिया। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग सभी राजनतिक दलों की काफी पुरानी है। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने इस बात पर कड़ी आपत्ति जतायी कि केजरीवाल बार-बार हर मामले में प्रधानमंत्री का नाम घसीट रहे हैं। खासबात यह है कि केंद्रीय मंत्री ने उन चारों मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर पूछा है कि किस आधार पर उन्होंने केजरीवाल के इस धरने-प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का व्यवहार अभी तक किसी के भी साथ अच्छा नहीं रहा है।

उन्होंने पहले नेताओं के विरुद्ध टिप्पणी कीं और मुख्य सचिव को आधी रात में घर पर बुलाकर पिटवाया। यदि केजरीवाल मानते हैं कि उनसे गलती हुई है तो उन्हें मुख्य सचिव से भी मांफी मांग लेनी चाहिए। इससे विवाद समाप्त हो जायेगा। गोयल ने चुटकी लेते हुए कहा कि धरने से शुरू हुई केजरीवाल सरकार अब धरने पर भी समाप्तंहोने की दिशा में है। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केजरीवाल को अब इस्तीफा दे देना चाहिए। गोयल के केजरीवाल के धरने पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर उप-राज्यपाल के यहां धरना दे रहे हैं। जबकि उप-राज्यपाल इस दिशा में उनकी कोई मदद नहीं कर सकते। केजरीवाल ने इससे पहले कभी भी पूर्ण राज्य की मांग नहीं उठायी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू, कर्नाटक के कुमार स्वामी, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी एवं केरल के केपी विजयन को पत्र लिखकर उन्होंने पूछा है कि दिल्ली के लोग बिजली-पानी को लेकर परेशान हैं और केजरीवाल ने रात्रि में मुख्य सचिव को घर बुलाकर पिटवाया। ऐसे मुख्यमंत्री का समर्थन करना कहां तक ठीक है। उन्होंने कहा कि केंद्र व दिल्ली में अलग-अलग पार्टी की सरकारें भी रही हैं, लेकिन इस तरह के हालात कभी भी नहीं पैदा हुए । ये हालात तत्काल समाप्त होने चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *