तिरंगा और राष्ट्रवाद की राजनीति कांग्रेस भी करेगी

नई दिल्ली। कांग्रेस भी तिरंगा और राष्ट्रवाद की राजनीति करके भाजपा से मुकाबला करेगी। पूरे देश में 1000 स्थानों पर ध्वज वंदन, फ्लैग मार्च और चार स्थानों से यात्राएं निकालने के कार्यक्रम बन रहे हैं।इस क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा के राष्ट्रवाद वाले अभियान से मुकाबले करने के लिए सेवादल को देशव्यापी अभियान चलाने की इजाजत दे सकते हैं।

देशव्यापी अभियान चलाने के लिए सेवादल ने जो एक्शन प्लान बनाया है, उस पर राहुल गांधी सोमवार को पूरे देश से आए सेवादल पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। सेवादल अतिराष्ट्रवाद बनाम राष्ट्रप्रेम नाम से अभियान चलाएगा। कांग्रेस का राष्ट्रप्रेम दिखाने के लिए हर महीने के अंतिम रविवार को 1000 शहरों में ध्वज वंदन के कार्यक्रम रखे जाएंगे। इससे पहले इन शहरों में सुबह प्रभातफेरी निकाली जाएगी, जिसमें सेवादल के कार्यकर्ता शामिल होंगे।आरएसएस की तर्ज पर राज्यों की राजधानी और बड़े शहरों में सेवादल कार्यकर्ताओं व कांग्रेसजनों का फ्लैग मार्च निकाला जाएगा जिसमें 3 लाख व्यक्तियों के शामिल होने की बात की जा रही है।

इस फ्लैग मार्च को तिरंगा बनाम दुरंगा की संज्ञा दी गई है। प्लैग मार्च का कार्यक्रम 9 अगस्त को क्रांति दिवस के मौके पर होगा। इसका एक मकसद यह भी होगा कि ब्लॉक और जिले में शतप्रतिशत सेवादल का संगठन खड़ा करना। गांव के लिए भी कार्यक्रम बना है, जिसके तहत 9 अगस्त से 15 अगस्त तक गांवों में ध्वज वंदन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।राष्ट्रवाद को कांग्रेस के तरीके से उभारने वाली चार यात्राएं भी अलग-अलग शहर से निकाली जाएंगी जो भोपाल पहुंचेंगी। भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी है, वहां इस साल चुनाव हैं। वहां नारा भी दिया जाएगा कि आज भोपाल में 2019 में दिल्ली के लालकिले पर।