जोखिम उठाने से कभी नहीं डरती : स्वरा भास्कर

मुंबई। फिल्म ‘‘तनु वेड्स मनु’ में नायिका की सबसे अच्छी सहेली की भूमिका से लेकर फिल्म ‘‘नील बटे सन्नाटा’ में 15 साल की बेटी की मां का किरदार में नजर आने वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर अपने विविधतापूर्ण व जोखिम भरे किरदारों के लिए जानी जाती हैं। ‘‘अनारकली ऑफ आरा’ की अभिनेत्री स्वरा का कहना है कि वह जोखिम लेने से कभी डरती नहीं हैं।

स्वरा ने एक साक्षात्कार में आईएएनएस से कहा, मैं कभी जोखिम लेने से नहीं डरी। जब मैं फिल्म उद्योग में आई, मुझे पता नहीं था कि कैसे इसमें राह बनाई जाए, लोगों ने मुझे इस पर काफी सलाह दी कि क्या नहीं करना है। मुझसे किसी की बहन या नायिका की अच्छी सहेली का किरदार न निभाने के लिए बोला गया, क्योंकि तब मुझे सिर्फ सेकेंड लीड किरदार करने के प्रस्ताव मिलते थे। स्वरा ने ‘‘अनारकली ऑफ आरा’ में नाचने-गाने वाली महिला की भूमिका निभाई थी और अब हालिया रिलीज फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’ में वह प्रमुख नायिकाओं में से एक के किरदार में नजर आईं हैं। उनका कहना है कि अपने अभिनय करियर में खुद के नियमों को लागू करने के लिए घिसी-पिटी अवधारणाओं को तोड़ना सबसे अच्छा तरीका है।

अभिनेत्री ने कहा, मुझसे खलनायिका का और कम उम्र में मां का किरदार नहीं निभाने के लिए कहा गया। अब आप जानते हैं कि फिल्मों में मैंने कैसे-कैसे किरदार निभाए हैं। मुझे लगा कि अगर मुख्य भूमिका पाने के लिए ये नियम बने हैं तो फिर इन्हें क्यों न तोड़ा जाए? क्यों न घिसी-पिटी अवधारणाओं से छुटकारा पाकर अपने नियम लाए जाएं? स्वरा (30 वर्ष) ने कहा, मेरा मानना है कि इन घिसी-पिटी धारणाओं से निपटने का सबसे अच्छा तरीका जोखिम लेना, विफलता से डरे बिना नई चीजें करने की कोशिश करना है।