भारत-सिंगापुर बढ़ाएंगे आर्थिक, रक्षा संबंधों में सहयोग

सिंगापुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली एच. लूंग द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमत हुए हैं। दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ हद्मी नौसेनाओं के बीच लाजिस्टिक सहयोग सहित आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं के बीच आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और नियंतण्र मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांतिपूर्ण, मुक्त तथा दोस्ताना नौवहन परिवेश की वकालत की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच रणनीतिक साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है। ली के साथ विस्तृत र्चचा के बाद जारी एक संयुक्त बयान में मोदी ने कहा, हमने विस्तृत आर्थिक सहयोग समझौते (सेका) की दूसरी समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। हालांकि हम इस बात पर सहमत हैं कि यह केवल हमारा लक्ष्य मात्र ही नहीं है बल्कि इसके जरिये हम नए मुकाम हासिल करेंगे। दोनों नेताओं की उपस्थिति में दोनों देशों के बीच लोक सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा, मादक पदार्थ नियंतण्रऔर दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच एक दूसरे के साजो-सामान और सुविधाओं में सहयोग सहित कई क्षेत्रों में सहमति ज्ञापनों का आदान प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले समय में साइबर सुरक्षा, चरमपंथ और आतंकवाद से निपटना हमारे बीच सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होगा। मोदी और ली ने क्षेत्रीय तथा नियंतण्र चुनौतियों पर विचारों का आदान- प्रदान किया।

समुद्री सुरक्षा पर अपना रुख दोहराया और नियम आधारित नियंतण्र व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। दोनों नेताओं के बीच मुक्त, स्थिर और स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार माहौल बनाए रखने पर सहमति बनी। ली ने कहा, हमारा रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं। हमारी नौसेनाओं के बीच लाजिस्टिक क्षेत्र में सहयोग पर आज समझौता हुआ और इस वर्ष सिंगापुर-भारत द्विपक्षीय नौवहन अभ्यास की 25 वीं वर्षगांठ भी मनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर तकनीकी, स्मार्ट शहरों और कौशल विकास के क्षेत्र मे सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की 2015 की यात्रा के बाद शुरू हुई दो परियोजनाओ का जिक्र किया जा पूरी हो चुकी हैं। ली ने कहा, आंध्र प्रदेश अमरावती शहर परियोजना सिंगापुर कंसरेटियम के साथ सही दिशा में बढ़ रही है। पुणो में हवाईअड्डे की योजना और विकास में आर्थिक सहयोग का विकल्प तलाशने के लिए हमने हाल ही में महाराष्ट्र-सिंगापुर संयुक्त समिति गठित की है।उन्होंने कहा कि सिंगापुर की फिन-टेक कंपनियों के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार है। जबकि नियंतण्र फिन – टेक हब के रूप में सिंगापुर दक्षिणपूर्व एशियाई बाजार में प्रवेश के लिए भारत के लिए गेटवे का काम कर सकता है। दोनों देशों के बीच फिन- टेक के लिए संयुक्त कार्य समूह के गठन पर भी सहमति बनी है। मोदी का कहना है कि सिंगापुर हमेशा से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और अन्य देशों में निवेश का स्रेत रहा है। यह भारतीयों के लिए भी पसंदीदा निवेश स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर में कल रुपे, भीम और यूपीआई आधारित एप का अंतरराष्ट्रीय लांच डिजिटल इंडिया कदम और दोनों पक्षों की साझेदारी मे नयी ऊर्जा को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ली ने कहा कि भारतीय पर्यटक अब चांगी हवाईअड्डा और देश के चु¨नदा ऑपरेटर्स के पास अपने रुपे कार्ड से ई-पेंमेंट कर सकेंगे। (भाषा)।