मॉनसून ने केरल के तटों पर दे दी है दस्तक

नई दिल्ली. मॉनसून ने केरल के तटों पर दस्तक दे दी है। हर साल इंतजार कराने वाले मॉनसून ने इस बार समय से थोड़ा पहले आकर लोगों को बड़ी राहत दी है। उत्तर-पूर्व के राज्यों को छोड़ दें तो पूरे देश भर में सामान्य बारिश का अनुमान जताया जा रहा है। केरल में पहुंचे मॉनसून की खबर का मंगलवार को शेयर बाजार पर भी सकारात्मक प्रभाव नजर आया। वहीं आर्थिक मोर्चे पर कुछ मुश्किलों का सामना कर रही मोदी सरकार के लिए इसे बड़ी राहत की खबर माना जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्व के राज्यों में सामान्य से कुछ कम लगभग 93 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है। वहीं उत्तर-पश्चिम में 100 पर्सेंट, मध्य भारत में 99 प्रतिशत, दक्षिण भारत में सामान्य से कुछ कम 95 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है।

जानकारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले अच्छे मॉनसून का सीधा फायदा सत्ताधारी पार्टी को मिलता है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस साल मॉनसून खरीफ की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने का काम करेगा। कृषि जानकारों का कहना है कि मॉनसून के आने पर किसानों को चावल, गन्ना, मक्का और कपास जैसी फसलों की बुआई को प्राथमिकता देने में मदद मिलती है। सामान्य मॉनसून की स्थिति में किसानों की फसल की अच्छी पैदावार होती है, जिससे किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी भी होती है।

पिछले तीन साल से आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती नहीं की है। केंद्रीय बैंक ने हर बार कमजोर मॉनसून के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते ब्याज दरों में कटौती करने से इनकार करता रहा है। ऐसे में इस साल अच्छे मॉनसून के चलते रिजर्व बैंक की यह दलील काम नहीं आएगी और उस पर ब्याज दर में कटौती का दबाव बढ़ सकता है।

दो दिनों में कर्नाटक को कवर करने के बाद मॉनसून अब कर्नाटक और तमिलनाडु की तरफ बढ़ गया है। इन राज्यों के कई इलाकों में जबरदस्त बारिश की आशंका भी जताई जा रही है। कर्नाटक के मंगलोर और उडुपी में तेज बारिश की आशंका के चलते स्कूलों की छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है। पीएम मोदी ने कर्नाटक के अधिकारियों से बात कर स्थिति का जायजा लिया है। साथ ही गृहमंत्रालय ने एनडीआरएफ की टीम को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है।

मॉनसून के तकनीकी पहलुओं को छोड़ दें तो केरल में बारिश शुरू हो गई है। आपको बता दें कि सामान्यतौर पर केरल में मॉनसून 1 जून को पहुंचता है। इसके बाद यह उत्तर की ओर बढ़ता है और 15 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। इस साल जल्दी बारिश शुरू होने को किसानों के लिए अच्छे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।