पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से रोजमर्रा के उपयोग वाली चीजों के दाम 4 से 7 पर्सेंट तक बढ़ सकते हैं

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण पैकेज्ड स्नैक्स, डिटर्जेंट और खाद्य तेल जैसी रोजमर्रा के उपयोग वाली चीजों के दाम 4 से 7 पर्सेंट तक बढ़ सकते हैं। इन चीजों को बनाने वाली कंपनियों के इस बयान से महंगाई को और हवा मिलने और इसके चलते कंज्यूमर डिमांड पर असर पड़ने का डर पैदा हो गया है। पिछले साल नवंबर में जीएसटी काउंसिल के 178 आइटम्स पर टैक्स रेट 28% से घटाकर 18% करने के फैसले से कीमतों में जो कमी आई थी, उसका काफी असर अब दाम चढ़ने से खत्म हो जाएगा।

जीएसटी रेट घटने पर प्रमुख कंपनियों ने डिटर्जेंट्स, डियोड्रेंट्स, शैंपू, स्नैक्स और एडिबल ऑइल के दाम औसतन 10-20 पर्सेंट घटाए थे। पैराशूट हेयर ऑइल और सफोला कुकिंग ऑइल बनाने वाली मैरिको के एमडी सौगत गुप्ता ने कहा, ‘क्रूड ऑइल के दाम अगर मौजूदा स्तर पर बने रहे तो अगली दो तिमाहियों में कीमतें पूरे सेक्टर में 4-5 पर्सेंट बढ़ सकती हैं। मॉनसून अच्छा रहने के अनुमान के चलते रूरल डिमांड के बेहतर रहने की उम्मीद है और कंपनियां क्रूड के चलते बढ़ी लागत का बोझ खुद उठाकर ग्रोथ बढ़ाना चाहती थीं, लेकिन यह भी देखें कि पिछले सालभर में क्रूड प्राइसेज में काफी बढ़ोतरी हुई है।’

साल भर में क्रूड का दाम करीब 50% बढ़ने के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम उछले हैं। क्रूड ऑइल पिछले सप्ताह 80 डॉलर प्रति बैरल पर जाने के बाद अब 75 डॉलर पर आ गया है। इससे आने वाले हफ्तों में पेट्रोल-डीजल के दाम कुछ कम होने की उम्मीद की जा सकती है। पेट्रोल दिल्ली में 78.27 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 86.08 रुपये लीटर रहा, वहीं डीजल दिल्ली में 69.17 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 73.64 रुपये लीटर रहा। क्रूड प्राइसेज में बढ़ोतरी का कंज्यूमर स्टेपल्स पर सीधे पड़ता है क्योंकि बोतल और ट्यूब सहित पैकेजिंग मटीरियल बनाने में पेट्रोलियम से जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल होता है।

‘1 महीने में बढ़ सकते हैं 5 से 7 पर्सेंट तक दाम’
पारले प्रॉडक्ट्स के कैटेगरी हेड कृष्ण राव ने कहा, ‘अगले एक महीने में दाम 5-7 पर्सेंट बढ़ सकते हैं। इस साल मार्च में क्रूड और रिफाइंड पामोलीन पर कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद क्रूड ऑइल प्राइसेज में उछाल आया है। इसका कुछ बोझ तो कस्टमर्स पर डालना ही पड़ेगा।’ इस साल मार्च में सरकार ने क्रूड पामोलीन पर इंपोर्ट ड्यूटी 30% से बढ़ाकर 44% कर दी थी, वहीं रिफाइंड पाम ऑइल पर इसे 40% से बढ़ाकर 54% कर दिया गया था।

कई बड़ी कंपनियों ने दिए दाम बढ़ाने के संकेत
डाबर के चीफ फाइनैंशल ऑफिसर ललित मलिक ने कहा, ‘ऑइल की बढ़ती कीमतों का हम पर सीधा असर पड़ता है। इससे प्रॉफिट मार्जिन पर निश्चित रूप से दबाव आता है। प्राइसिंग को लेकर हम सतर्क हैं और ट्रेंड पर नजर बनाए हुए हैं।’ एचयूएल और पीएंडजी के प्रवक्ताओं ने इस संबंध में कमेंट करने से मना कर दिया। इडलवाइज सिक्योरिटीज के वीपी अवनीश रॉय ने कहा, ‘साबुन और डिटर्जेंट बनाने वाली कंपनियों का क्रूड डेरिवेटिव्स से अप्रत्यक्ष संबंध है, लेकिन पाम ऑयल का दाम बढ़ने का सीधा असर पैकेज्ड स्नैक्स पर पड़ता है।’