कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रपति से किया अनुरोध, पीएम मोदी को अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल न करने की दें चेतावनी 

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण में पार्टी को धमकी दिए जाने की कड़ी र्भत्सना करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ को¨वद से अनुरोध किया है कि वह पीएम मोदी को अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दें और उन्हें पद की गरिमा को बनाए रखने की सलाह दें।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नवी आजाद, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम, पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह, मोती लाल बोरा समेत कई नेताओं की ओर से को¨वद को भेजे गए पत्र में मोदी के छह मई को हुगली में दिए गए भाषण के संदर्भ में यह शिकायत की गई है । पत्र में मोदी के उस भाषण के एक अंश को उद्धृत किया गया है और उसका वीडियो भी भेजा गया है, जिसमें उनके हवाले से कहा गया है कि कांग्रेस के नेता कान खोल कर सुन लीजिए अगर सीमाओं को पार करेंगे तो यह मोदी है, लेने के देने पड़ जाएंगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री संविधान की शपथ लेकर कहता है कि वह उसके मूल्यों के अनुरूप काम करेगा और अब तक देश के सभी प्रधानमंत्रियों ने अपने पद की गरिमा और प्रतिष्ठा का ख्याल रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया है, लेकिन यह कल्पना भी नहीं की जा सकती है कि देश के प्रधानमंत्री मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं को इस तरह खुलेआम धमकी देंगे।

पत्र में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 130 करोड़ की आबादी वाले लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री की ऐसी भाषा स्वीकार करने लायक नहीं है, जो निजी तौर पर या सार्वजनिक रूप में दिया गया हो। ये धमकी भरे शब्द न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि इससे शांति भी भंग होती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी सबसे पुरानी पार्टी है और उसने कई चुनौतियों तथा धमकियों का सामना किया है। कांग्रेस नेतृत्व ने हमेशा अपने साहस और निडरता का परिचय दिया है। कांग्रेस और उसके नेता किसी की धमकियों से झुकने वाले नहीं हैं। इन नेताओं ने कोविंद से कहा कि संवैधानिक प्रमुख होने के नाते उनका यह दायित्व बनता है कि वह प्रधानमंत्री को सलाह और निर्देश दें।