लालू प्रसाद यादव को छह सप्ताह के लिए मिली अंतरिम जमानत

रांची। लालू परिवार को शुक्रवार को दोहरी खुशी मिल गई। चारा घोटाले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को छह सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है। वहीं, बेतुके बयान के मामले में उनके बेटे तेजस्वी को भी कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने तेजस्वी के खिलाफ सीबीआइ कोर्ट की अवमानना नोटिस खारिज कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, झारखंड हाई कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर लालू को बेल दी है। कोर्ट ने पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। लालू ने मुंबई, बेंगलूरू और मेदंता में इलाज के लिए बेल मांगी थी। लालू की ओर से कहा गया था कि उन्हें कई तरह की बीमारियां हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है। शुगर हार्ट रोग बीपी सहित कई बीमारियों का लालू ने हवाला दिया है। झारखंड हाई कोर्ट में लालू यादव की प्रोविजनल बेल पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ट अधीवक्ता अभिषेक मनु सिंधवी ने पक्ष रखा। लालू की खराब सेहत का हवाला देते हुए जमानत देने की कोर्ट से अपील की गई।

 

लालू की ओर से कहा गया कि उनकी 60 प्रतिशत किडनी खराब हो गई है। उनको क्रोनिक किडनी की बीमारी है। यह एम्स और रिम्स की रिपोर्ट में भी आया है। एम्स में भर्ती होने और वहां से डिस्चार्ज होने तक कोई सुधर नहीं हुआ है। लालू के वकील चितरंजन सिन्हा ने बताया कि लालू अब मेदंता में किडनी का इलाज और मुंबई में हृदय रोग का इलाज कराएंगे।

लालू यादव अभी पेरोल पर रविवार तक है। सोमवार को पेरोल की अवधि लौटेंगे। इसी दिन रिम्स में भर्ती होंगे। 50 हजार रुपये का बेल बांड भरने के बाद उन्हें बेल मिलेगी। जिस दिन से वो रिलीज होंगे। उस दिन से छह सप्ताह की अवधि शुरू होगी। हाई कोर्ट ने इस दौरान लालू प्रसाद को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने की शर्त लगाई है।

चारा घोटाले के देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में हाइकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद लालू प्रसाद की ओर से प्रोविजनल बेल पिटीशन दायर की गई थी। इसमें बीमारियों के इलाज के लिए तीन माह के प्रोविजनल बेल की मांग की गई है।

इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। तेजस्वी यादव सहित चार राजनेताओं के मामले पर आज झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के नोटिस को खारिज कर दिया है।

सीबीआई कोर्ट ने तेजस्वी सहित चार नेताओं को बेतुका बयान के लिए नोटिस जारी किया था। लालू प्रसाद को सजा सुनाने के बाद इन नेताओं ने बेतुका बयान दिया था। कांग्रेस के मनीष तिवारी राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह और शिवानंद तिवारी को भी नोटिस जारी किया था। तेजस्वी ने सीबीआई कोर्ट के नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाई कोर्ट ने इस मामले में कहा कि सीबीआइ कोर्ट को हाई कोर्ट रूल्स के तहत अवमामना का नोटिस जारी करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उनको इस मामले में सिर्फ जांच करनी थी और रिपोर्ट हाई कोर्ट भेजनी चाहिए थी। साथ ही उनके नोटिस में कोई ग्राउंड भी नहीं था। कोर्ट ने उनकी रिपोर्ट (अखबार कटिंग) पढ़ने के बाद कहा कि अवमानना का मामला नहीं बनता है।

गौरतलब है कि चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद को सजा और जगन्नाथ मिश्र को राहत मिलने पर राजद और कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाए थे। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को इस मामले में सीबीआइ की अदालत ने बरी कर दिया था, जबकि लालू प्रसाद को सजा सुनाई थी।

राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (रिम्स), रांची में भर्ती चारा घोटाला के सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद तीन दिनों के पैरोल पर अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी में शामिल होने लिए गुरुवार की शाम इंडिगो एयरलाइंस के विमान द्वारा रांची से पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर पुत्री मीसा भारती, पुत्र तेज प्रताप और तेजस्वी यादव ने लालू का स्वागत किया। तेज प्रताप की शादी 12 मई को है।

शाम करीब साढ़े छह बजे लालू के पटना पहुंचने का समाचार आम होते ही जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डे पर लालू समर्थकों का हुजूम जमा हो गया। हजारों की भीड़ के बीच बेटे-बेटी के संग लालू कार में सवार होकर सर्कुलर रोड पहुंचे। लालू के स्वागत में आवास के दोनों फाटक खोल दिए गए थे। लालू अगले तीन दिनों तक यहां रहेंगे और अपने बड़े पुत्र तेज प्रताप की शादी में आए मेहमानों का स्वागत करेंगे। इसके बाद वापस रांची के होटवार जेल के लिए रवाना हो जाएंगे।