65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह विवाद के बावजूद शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया

नई दिल्ली। 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह विवाद के बावजूद शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया। कुल 137 पुरस्कार विजेताओं में से 78 ही समारोह में आए। राष्ट्रपति ने 11 फिल्मकारों को पुरस्कार प्रदान किये जबकि बाकी पुरस्कार सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रदान किये। 60 विजेताओं ने विज्ञान भवन मे आयोजित समारोह में पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दो चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में श्रीमती ईरानी ने पुरस्कार प्रदान किये जबकि दूसरे चरण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 11 विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मरणोपरांत विनोद खन्ना देने की देने की घोषणा हुई थी। यह पुरस्कार उनके अभिनेता पुत्र अक्षय खन्ना और पत्नी कविता खन्ना ने ग्रहण किये। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुस्कार श्रीदेवी की जगह उनके पति बोनी कपूर और दोनों बेटियों जान्वी तथा खुशबू ने ग्रहण किया।राष्ट्रपति ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार रिद्धी सेन, सर्वश्रेष्ठ फिल्म विलेज रॉक स्टार, सर्वश्रेष्ठ निदेशक जयराज, सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार एआर रहमान, सर्वश्रेष्ठ गायक का पुरस्कार येसुदास, नरगिस दत्त पुरस्कार धप्पा के निर्माता सुमति लाल पोपट लाल तथा सर्वश्रेष्ठ लेखक का पुस्कार मणिपुरी लेखक को प्रदान किया। इस मौके पर राष्ट्रपति को¨वदने कहा कि भारतीय फिल्मों ने राष्ट्र की एकता, अनेकता और विविधता को चित्रित करने के साथ-साथ देश की संस्कृति को पूरे विश्व में फैलाया है तथा ¨हदी को लोकप्रिय बनाने का उल्लेखनीय काम किया है।राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सिनेमा भोजपुरी से लेकर तमिल तक और मराठी से लेकर कई अन्य भारतीय भाषाओं में फैला है और उसने देश की एकता तथा विविधता को चिाित करने के साथ ही उसे एक सूत्र में बांध रखा है। उन्होंने प्रख्यात फिल्मकार सत्यजीत रे और रित्विक घटक का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी फिल्मों को जानने के लिए बांग्ला भाषा जानने की उसी तरह जरुरत नहीं है जिस तरह बाहुबलि फिल्म देखने के लिए तेलुगू जानने की जरुरत नहीं है और एआर रहमान के संगीत को सुनने के लिए तमिल भाषा जानने की जरुरत नहीं है।

एफटीआईआई को मिले तीन पुरस्कार : भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, पुणो को तीन पुरस्कार मिले। संस्थान की तरफ से निदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने दो पुरस्कार ग्रहण किये। अरुण कुप्पुस्वामी को ‘‘मंडे’ के लिए स्पेशल ज्यूरी पुरस्कार के लिए चुना गया। टीवी कोर्स के छात्र मेधप्रणव पवार ‘‘हेप्पी बर्थडे’ को पारिवारिक मूल्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म के पुरस्कार लिए चुना गया, जबकि टीवी कोर्स के ही छात्र स्वप्निल कपूरे को ‘‘भर दुपहरी’ के लिए स्पेशल मेंशन अवार्ड के लिए चुना गया।

60 विजेता पुरस्कार समारोह से रहे दूर पुरस्कार से सम्मानित होने वाले 60 व्यक्तियों ने सरकार और राष्ट्रपति को लिखे एक पत्र में इसपर विरोध जताया है कि उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान नहीं करेंगे जबकि यह परंपरा है कि सभी पुरस्कार राष्ट्रपति ही प्रदान करते हैं। पत्र में कहा गया है, आखिर में हम अपने आप को सम्मानित की बजाय अपमानित महसूस कर रहे हैं।