कड़ी सुरक्षा के बीच एम्स से रिम्स पहुंचे लालू

रांची. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को दिल्ली के एम्स से मंगलवार को रांची के रिम्स में शिफ्ट किया गया. यहां लालू को कॉर्डियोलॉजी ब्लॉक में रखा गया है. उनका इलाज डॉ उमेश प्रसाद करेंगे. उनकी सुरक्षा और परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. इससे पहले लालू आज सुबह करीब 9:15 बजे राजधानी एक्सप्रेस से राची पहुंचे. उनके पहुंचने के मद्देनजर रांची रेलवे स्टेशन की सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी. स्टेशन पर 100 से ज्यादा रैफ के जवान तैनात किये गये थे, साथ ही रांची पुलिस के जवान भी वहां मौजूद थे. रांची एसपी सहित कई आला अधिकारियों ने भी रांची रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा की कमान संभाल रखी थी.

राजधानी एक्सप्रेस से लालू प्रसाद यादव व्हीलचेयर पर उतरे. उनके साथ राजद नेता भोला यादव भी थे. लालू को सुरक्षा के मद्देनजर मेन गेट से न निकालकर टिकट काउंटर से निकाला गया, जहां एम्बुलेंस पहले से खड़ी थी. लालू को एम्बुलेंस में बैठाकर रिम्स लाया गया. रिम्स में भी सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम किये गये थे. लालू को रिम्स में तीसरे तल्ले के कमरा नंबर-3 में रखा गया है, जहां आज अतिरिक्त सीसीटीवी लगाया गया है, ताकि लालू से मिलने वालों पर कड़ी नजर रखी जा सके. रिम्स में एक अलग व्यवस्था भी देखने को मिली. लालू को कॉर्डियोलॉजी ब्लॉक में पिछले रास्ते से ले जाया गया.

रिम्स ने लालू प्रसाद के जांच के लिये पांच सदस्यीय टीम गठित की गयी है. टीम में मेडिसिन के डॉ उमेश प्रसाद, सर्जरी से डॉ आरजी बाखला, न्यूरो सर्जरी से डॉ अनिल कुमार, कार्डियोलॉजी से डॉ प्रकाश कुमार, यूरोलॉजी से डॉ अरशद जमाल व आई से डॉ वीवी सिन्हा शामिल है.

रांची रेलवे स्टेशन पर राजद कार्यकर्ता मौजूद थे, जो लालू के राजधानी एक्सप्रेस से उतरते ही नारे लगाने लगे. लालू के ट्रेन से उतरने के बाद भोला यादव अपने कैमरे से वीडियो करते नजर आये. गौरतलब है कि चारा घोटाला के अभियुक्त लालू प्रसाद को कुछ दिन पहले एम्स में भरती कराया गया था. वहां के चिकित्सकों ने उनका इलाज कर उन्हें रिम्स भेज दिया है. अब लालू का इलाज रिम्स में हो रहा है. कल रिम्स में हुई बैठक में निर्णय हुआ कि वे पहले जहां भरती थे, उन्हें वहीं रखा जायेगा. बैठक में उपायुक्त राय महिमापत रे, एसएसपी कुलदीप द्विवेदी, जेल आइजी, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव, डॉ गिरिजा प्रसाद, डॉ जेके मित्रा आदि उपस्थित थे.

कॉर्डियोलॉजी ब्लॉक में रहेंगे लालू, बिना आई कार्ड किसी की इंट्री नहीं
रिम्स में लालू के आगमन को लेकर सोमवार को बैठक हुई. इसमें निर्णय लिया गया कि बिना आई कार्ड के डॉक्टर या पारा मेडिकल स्टॉफ की भी कॉर्डियोलॉजी ब्लॉक में इंट्री नहीं होगी. कोई भी अनावश्यक व्यक्ति को उनके पास नहीं रहने दिया जायेगा. उनकी सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. सीसीटीवी से उनकी निगरानी की जायेगी.

एम्स दिल्ली ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के स्वास्थ्य में सुधार बताते हुए उन्हें रिम्स, रांची (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) में जाकर उपचार कराने के लिहाज से यात्रा के लिए फिट बताया. वहीं, लालू ने एम्स के फैसले के पीछे राजनीतिक साजिश होने का आरोप लगाया है. एम्स निदेशक को पत्र लिख कर लालू ने आग्रह किया है कि रिम्स में किडनी के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है, इसलिए उनको वहां नहीं भेजा जाये. पूरी तरह स्वस्थ होने तक यहां उपचार चलते रहने दिया जाये. इस बीच एम्स से छुट्टी मिलने के बाद लालू रिम्स, रांची के लिए राजधानी एक्सप्रेस से सोमवार शाम को रवाना हुए. यात्रा के दौरान कानपुर में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गयी. कानपुर स्टेशन पर ही डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की. शूगर लेबल बढ़ा पाये जाने के बाद उन्हें इंसुलिन का इंजेक्शन दिया गया. इस दौरान ट्रेन करीब 11 मिनट तक रुकी रही. रेलवे के विशेष निर्देश पर रांची तक सभी प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेन रोक कर लालू के स्वास्थ्य की जांच की जायेगी.

लालू ने अपने पत्र में कहा है कि मुझे एम्स में अच्छे इलाज के लिए भेजा गया था.अभी मेरी तबीयत ठीक नहीं हुई है.मैं हृदयरोग, किडनी इंफेक्शन, शुगर व अन्य बीमारियों से पीड़ित हूं. यदि एम्स से रांची मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है और इससे मेरे जीवन पर कोई खतरा उत्पन्न होता है, तो इसकी जवाबदेही आप लोगों की होगी.

एम्स प्रवक्ता ने बताया कि उपचार के बाद लालू की सेहत में व्यापक सुधार के बाद शनिवार को ही यहां से छुट्टी दे दी गयी थी. लालू ने खुद सोमवार को रांची जाने की इच्छा व्यक्त की थी और दो दिन एम्स में ही रहने की अनुमति देने का अनुरोध किया था. मेडिकल बोर्ड की सलाह पर उन्हें लंबे समय तक चलने वाले उपचार के लिए रिम्स, रांची भेजा जा रहा है. उनकी हालत स्थिर है और वह यात्रा करने के लिए फिट हैं.

फैसले पर विरोध जताते हुए लालू के समर्थकों ने अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया. अस्पताल प्रशासन ने हौजखास पुलिस थाने में दर्ज करायी गयी शिकायत में कहा कि समर्थकों ने कांच के एक दरवाजे को भी तोड़ दिया, जिससे वहां तैनात सुरक्षा गार्ड चोटिल हो गये. समर्थकों ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी हंगामा किया और पुलिस से उलझ पड़े.