चंपारण में बोले प्रधानमंत्री मोदी- जो प्रोजेक्ट शुरु किए गए हैं उनको जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा

पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कार्यक्रम में करीब 20,000 स्वच्छाग्रही को संबोधित किया। उन्होंने क्षेत्रीय भाषा में अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि अब लटकाने, भटकाने और अटकाने का काम नहीं होगी बल्कि प्रोजेक्ट शुरु किए गए हैं उनको जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। मोदी ने कहा कि विपक्ष सरकार के काम में रोड़ा अटका रहे हैं और जनता को बहकाने और भटकाने की कोशिश की जा रही है लेकिन केंद्र अपने किए वादे निभाएगी। इससे पहले पीएम ने मोतिहारी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने 1164 करोड़ रुपए की चार सिवरेज योजनाओं का शिलान्यास किया और मधेपुरा रेल फैक्ट्री में बने पहले रेल इंजन को राष्ट्र को समर्पित किया।

मोतीझील की सुंदरता गांधी के समय के बाद से लगातार कम हुई है। अब नई मुहिम से इसका जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

आज लगभग 900 करोड़ रुपए के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया है। औरंगाबाद से चोरदहा का जो सेक्शन अभी 4 लेन का है, उसे 6 लेन बनाने का काम आज से शुरू हो रहा है। ये प्रोजेक्ट बिहार और झारखंड, दोनों राज्यों के लोगों को फायदा पहुंचाएगा।

गंगा तट के किनारे बने गांवों को प्राथमिकता के आधार पर खुले में शौच से मुक्त बनाया जा रहा है। गंगा किनारे बसे गांवों में कचरे के प्रबंधन की योजनाएं लागू की जा रही हैं ताकि गांव का कचरा नदी में ना बहाया जाए। जल्द ही गंगा तट पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।

घर या फैक्ट्री के गंदे पानी को गंगा में जाने से रोकने के लिए बिहार में अब तक 3 हजार करोड़ से ज्यादा के 11 प्रोजेक्ट की मंजूरी दी जा चुकी है। इस राशि से 1100 किलोमीटर से लंबी सीवेज लाइन बिछाने की योजना है।

स्वच्छता का संबंध पानी से भी है। बेतिया को पीने के साफ पानी के लिए जूझना ना पड़े, इसके लिए अमृत योजना के तहत तकरीबन 100 करोड़ रुपए की लागत से वॉटर सप्लाई योजना का शिलान्यास किया है। इसका सीधा लाभ डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा।

गांधी जी की इसी भावना को जीते हुए, सवा सौ करोड़ देशवासी मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। ये उनका स्वच्छाग्रह ही है कि 2014 में स्वच्छता का जो दायरा 40 प्रतिशत से भी कम था, वो अब बढ़कर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है।

स्वच्छ भारत अभियान ने देश की करोड़ों-करोड़ महिलाओं की जिंदगी जिस तरह बदली है, उससे आप भली-भांति परिचित हैं। एक शौचालय के निर्माण से महिला को सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य, तीनों मिल रहा है। मुझे बताया गया है कि अब तो बिहार में भी शौचालयों को ‘इज्जत घर’ कहकर बुलाया जाने लगा है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सौ साल पहले 10 अप्रैल 1917 को मोतिहारी से ही अंग्रेजों के खिलाफ उन किसानों के अधिकारों के लिए लड़ने के उद्देश्य से चंपारण सत्याग्रह का शुभारंभ किया था, जिन्हें नील की खेती करने के लिए विवश किया गया था।