बिहार : नवादा में दो गुटों में झड़प, उपद्रवियों ने सड़क किनारे स्थित एक दूकान को जला दिया

नवादा.बिहार में लगी सांप्रदायिक तनाव की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। 14 दिनों में यह आग चार जिलों तक पहुंच गई है। इसकी शुरुआत 17 मार्च को भागलपुर में हुए उपद्रव से हुई थी। इसके बाद समस्तीपुर और शेखपुरा में दो समुदाय के लोगों में झड़प हुई। अब नवादा में शुक्रवार सुबह एक धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने के बाद उपद्रव हुआ। उपद्रवियों ने सड़क जाम किया और बस, ट्रक और अन्य गाड़ियों में तोड़फोड़ की। उग्र लोगों ने एक दुकान और बाइक को आग लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज कर स्थित पर काबू पाया।

धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने से लोग दूसरे पक्ष से नाराज थे। सुबह करीब सात बजे लोगों की भीड़ जुटी और उपद्रव शुरू हो गया। दोनों ओर से पत्थरबाजी की गई।
हंगामा कर रहे लोगों ने मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया। कई फोटोग्राफर के कैमरे तोड़ दिए गए और बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

उपद्रव की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों ने पहले शांति से लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनने को तैयार न था। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जो कोई सड़क पर पुलिस के हाथ लगा उसे पीटा गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।

नवादा के डीएम कौशल कुमार ने कहा कि अभी स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

गौरतलब है कि बिहार में पिछले कुछ दिनों से लगातार सांप्रदायिक हिंसा हो रही है। हिंसा की शुरुआत दरभंगा में एक चौक का नाम बदलने से हुई थी।
इसके बाद 17 मार्च को जुलूस के दौरान भागलपुर में हिंसा हुई। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित आरोपी हैं। इसके बाद समस्तीपुर के रोसड़ा में दो पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। वहीं, बुधवार को शेखपुरा में भी हिंसा हुई थी।

17 मार्च को भागलपुर के नाथनगर में संदेश यात्रा के दौरान नारा लगाने पर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई थी। देखते ही देखते दोनों तरफ से पहले जमकर पथराव हुआ फिर बम और गोली चली। पथराव और बमबाजी में एक दर्जन से ज्यादा लोग व पुलिसकर्मी जख्मी हुए। इस मामले में पुलिस ने केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे समेत 9 लोगों पर केस दर्ज किया है। वारंट जारी होने पर भी पुलिस अर्जित को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

अभी क्या हालत है-नाथनगर में स्थिति सामान्य है। किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने देने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। नाथनगर में दिन-रात निगरानी रखी जा रही है।

क्या हुआ था-26 मार्च को समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में छत पर खड़े एक बच्चे का चप्पल जुलूस में चल रहे लोगों पर गिर गया था। इसके बाद विवाद हुआ, जिसे स्थानीय लोगों ने सुलझा लिया। 27 मार्च को यह मामला फिर भड़क गया और सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए और बवाल करने लगे। मुख्य सड़क पर आगजनी की गई और सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों पर काबू पाया। डीएम और एसपी ने 28 मार्च को पीस कमेटी की बैठक की, जिसके बाद से हालत स्थिर है।
अभी क्या हालत है- विवाद शुरू होने के चौथे दिन तक रोसड़ा में तनाव है। पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके विरोध में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। पूरे शहर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

क्या हुआ था- शोभायात्रा के दौरान रूट की अनुमति नहीं मिलने पर लोग भड़क गए थे। उग्र लोगों ने शेखपुरा शहर के बुधौली चौक को रणक्षेत्र में बदल दिया था। उपद्रवियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। 20 मिनट तक धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने फायरिंग करते हुए लाठीचार्ज कर दिया था और उपद्रवियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस ने इस मामले में 43 के खिलाफ नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
अभी क्या हालत है-शेखपुरा में अभी तनाव है। पुलिस बुधौली चौक समेत पूरे इलाके में लगातार गश्त कर रही है।