मोदी-चोकसी पर कार्रवाई तेज, ED ने अटैच की 1800 करोड़ की 62 और संपत्तियां

नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक में हजारों करोड़ रुपयों के महाघोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. सूत्रों के मुताबिक ED अब तक नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की 62 अचल संपत्तियां अटैच कर चुकी है, जिनकी कीमत करीब 1800 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. बताया जा रहा है कि ये सभी अचल संपत्तियां दोनों आरोपियों की निजी संपत्ति है.
इन 62 संपत्तियों में से 21 संपत्तियां नीरव मोदी की हैं, जिनकी कीमत 523 करोड़ रुपये बताई जा रही है. जबकि बाकी 41 संपत्तियां मेहुल चोकसी की हैं, जिनकी कीमत 1200 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इससे पहले मामले में ED सात हजार करोड़ रुपये के हीरे और आभूषण जब्त कर चुकी है. इस तरह अब तक नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की नौ हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त और अटैच की जा चुकी है.
ED ने इन 62 संपत्तियों को पीएलएमए के तहत अटैच किया है. इन 62 संपत्तियों में मुंबई स्थित 15 फ्लैट और 17 ऑफिस, कोलकाता स्थित शॉपिंग मॉल और अलीबाग में चार एकड़ जमीन पर बना फार्महाउस शामिल हैं. इसके अलावा अलीबाग, नासिक, नागपुर, पनवेल व विल्लुपुरम में 231 एकड़ जमीन में फैले छह पार्सल और आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले में 170 एकड़ में फैला एक हार्डवेयर पार्क शामिल हैं. इस हार्डवेयर पार्क की कीमत 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
इसके साथ ही ED नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की भारत में स्थित कुछ और संपत्तियों की जांच कर रही है. इससे पहले ED नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के करीब 130 शो रूम से सात हजार करोड़ रुपये के हीरे और आभूषण जब्त कर चुकी है. साथ ही ED नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की विदेश में स्थित संपत्तियों की भी जानकारी जुटा रही है.
वहीं, सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक में हुए फर्जीवाड़े और महाघोटाले के मामले में बैंक के इंटरनल चीफ ऑडिटर एमके शर्मा को गिरफ्तार किया है. वह चीफ मैनेजर रैंक के अधिकारी (पीएनबी के स्केल 4 स्तर के अफसर) हैं. इसके अलावा आयकर विभाग के अनुरोध पर ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ अलग-अलग लुकआउट नोटिस/ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं.
मालूम हो कि हाल ही में PNB में 11,360 करोड़ रुपये के महाघोटाले का खुलासा हुआ था, जिसको लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार को घेर रही है और निशाना साध रही है. हालांकि मोदी सरकार का कहना है कि यह घोटाला यूपीए के समय से जारी है. हमारी सरकार में इसका खुलासा हुआ है. सरकार यह भी साफ कर चुकी है कि मामले के आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.