‘शेर’ सुना बंद कराई प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की बोलती

नई दिल्ली। पीएम मोदी के लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष ने पहले जोरदार हंगामा किया है। मोदी जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए विपक्षी पार्टी के साथ टीडीपी भी लोकसभा में हंगामा करने लगी लेकिन इस दौरान भी मोदी ने अपना संबोधन जारी रखा और कांग्रेस पर जमकर बरसे। इस दौरान उन्होंने शायर बशीर बद्र की शायरी सुनाई जिससे विपक्षी दल की बोलती बंद हो गई। दरअसल मंगलवार को कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में एक शेर पढ़ा था। इस पर मोदी ने कहा कि खड़गे जी का शेर और भाषण दोनों मैंने भी सुने लेकिन समझ नहीं आया कि उन्होंने यह किसे संबोधित किया।
मोदी ने कहा कि खड़गे बशीर बद्र की शायरी पढ़ी थी, दुश्मनी जमकर करो, लेकिन ये गुंजाइश रहे जब हम दोस्त बन जाए तो शर्मिंदा न हो। मोदी ने कहा कि उम्मीद है कि कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने जरूर सुनी होगी। मोदी ने कहा कि अच्छा होता कि खड़गे शायरी की शुरुआती लाइन गौर से पढ़ लेते। मोदी ने बशीर बद्र की आगे की शायरी सुनाते हुए कहा कि ‘जी चाहता है सच बोलें, जी बहुत चाहता है सच बोलें, क्या करें हौसला नहीं होता।’ उन्होंने कहा कि कर्नाटक के चुनाव के बाद क्या पता खड़गे जी वहां होंगे या नहीं ये शायद उनकी फेयरवेल स्पीच भी हो सकती है, जब फेयरवेल स्पीच होती है तो सम्मान से देखी जाती है। मोदी ने कहा कि क्या खुद कांग्रेस के कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने खड़गे की इस शायरी से कोई सबक लिया है।