जवानों की शहादत पर बोली सेना- हम नहीं, हमारा ऐक्शन बोलेगा

शहीद हुए कैप्टन कपिल कुंडू का पार्थिव शरीर राजधानी दिल्ली लाया गया

नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान द्वारा भारी गोलेबारी में रविवार को सेना के चार जवानों के शहीद होने के बाद सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। सेना ने सोमवार को कहा कि भारत पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देता रहेगा और उसकी कार्रवाई खुद बोलेगी। उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद ने कहा कि सेना पाकिस्तान की गोलाबारी का उचित ढंग से जवाब दे रही है और भारत इस तरह की हरकतों का ‘मुंहतोड़ जवाब’ आगे भी देता रहेगा। इस बीच हमले में शहीद हुए कैप्टन कपिल कुंडू का पार्थिव शरीर राजधानी दिल्ली लाया गया, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

जनरल शरत चंद ने कहा, ‘यह (जवाबी कार्रवाई) बिना कुछ कहे चल रही है, मेरा मानना है कि मुझे यह कहना नहीं है। हमारी कार्रवाई खुद बोलेगी।’ LoC पर पाकिस्तान की भारी गोलाबारी में रविवार को कैप्टन और तीन जवान शहीद हो गये थे और कम से कम चार लोग घायल हो गये थे। चंद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना सीमा पर आतंकियों की घुसपैठ का समर्थन कर रही है। यहां एक कार्यक्रम के इतर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘हम इस तरह की कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देंगे। हम समुचित ढंग से जवाब दे रहे हैं।’

पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान की ओर से सीमा पार गोलाबारी हो रही है। गोलों में से एक गोला अधिकारी और उनके चार जवानों के निकट गिरा जिससे ये जवान शहीद हुए।’ सैन्य अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम जिले के रहने वाले कैप्टन कपिल कुंडू अपने 22वें जन्मदिन से केवल छह दिन पहले शहीद हुए। इनके अलावा साम्बा जिले के रहने वाले रोशन लाल (42), मध्य प्रदेश के रहने वाले राइफलमैन राम अवतार (27) और जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के रहने वाले शुभम सिंह (23) शहीद हो गये। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद के बाहर पत्रकारों से कहा कि देश के लोगों का सेना की वीरता पर पूरा भरोसा है।

इस बीच रविवार को शहीद हुए कैप्टन कपिल कुंडू के पार्थिव शरीर को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट लाया गया, जहां आर्मी चीफ बिपिन रावत और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कैप्टन के परिवार के सदस्य भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। तिरंगे से लिपटे ताबूत में रखे कैप्टन के पार्थिव शरीर से उनके परिवार की एक महिला लिपट कर रोती नजर आईं। बाद में उनके पार्थिव शरीर को उनके गांव रणसिक के लिए रवाना किया गया।

हमले में शहीद हुए हवलदार रोशन लाल का भी अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए ब्रिगेडियर जेएस बुधवार ने कहा कि उनकी कुर्बानी जाया नहीं जाएगी।