बजट 2018: अलग-अलग तरीकों से छोटे करदाताओं को दी है राहत : जेटली

नई दिल्ली। 2018-19 के बजट में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष में मिडल क्लास को कोई राहत नहीं देने के सवाल पर कहा है कि उन्होंने अलग-अलग तरीकों से छोटे करदाताओं को राहत दी है। जेटली ने अपने कायर्काल में दी गई विभिन्न राहतों का जिक्र करते हुए कहा कि यह जरूरी नहीं कि मध्य वर्ग के लोगों की राहत के लिए टैक्स स्लैब ही बदलें।
उन्होंने कहा कि छोटे टैक्सपेयर्स को टैक्स के दायरे में लाने के लिए पिछले साल 2.5 लाख से 5 लाख रुपये वाले स्लैब पर टैक्स की दर 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी थी। जेटली ने कहा, ‘5 प्रतिशत का स्लैब दुनिया के सिर्फ एक ही देश में हैं- वह है भारत। यह दुनिया का न्यूनतम टैक्स स्लैब है।’ विभिन्न मीडिया घरानों के प्रतिनधियों के साथ ओपन हाउस मीटिंग में जेटली ने कहा, ‘हमने 50, 60, 70 हजार रुपये महीना आमदनीवाले छोटे कर दाताओं को राहत देने के ये अलग-अलग तरीके अपनाए। हमने इन परोक्ष तरीकों से उनके पॉकिट में ज्यादा पैसे डालने की कोशिश की। छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए यह जरूरी नहीं है कि टैक्स स्लैब को ही बदलें।’
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में टैक्स वसूलना और टैक्स पेयर्स की तादाद बढ़ाना एक गंभीर चुनौती है। इसलिए उनके पिछले चार-पांच बजट का पूरा हिसाब-किताब करने पर पता चलेगा कि करीब-करीब सभी बजट में छोटे टैक्स पेयर्स को चरणबद्ध तरीके से राहत दी गई है। उन्होंने कहा, ‘जब मैं वित्त मंत्री बना तो टैक्स छूट की सीमा 2 लाख रुपये थी। मैंने इसे 3 लाख रुपये कर दी। दरअसल, दो साल बाद मैंने कहा कि अगले 50 हजार रुपये के लिए आपको कोई टैक्स नहीं देना है। तो छोटे टैक्स पेयर्स के लिए टैक्स छूट की प्रभावी सीमा 3 लाख रुपये हो गई।’
दरअसल, जेटली का कहना यह है कि उन्होंने टैक्स छूट का स्लैब 2 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख कर दिया और 2017-18 के बजट में 3.5 लाख तक की सालाना आमदनी वालों को टैक्स में 2,500 रुपये की छूट दे दी। ऐसे में 3 लाख रुपये तक की कमाई वालों को टैक्स से पूरी तरह मुक्ति मिल गई क्योंकि 2.50 लाख रुपये की कमाई टैक्स फ्री है। बाकी के 50 हजार रुपये पर 5 प्रतिशत से 2,500 रुपये का जो टैक्स लगता, वह फ्री हो गया। ऐसे में 3 लाख रुपये तक की आमदनी टैक्स फ्री हो गई जबकि 3.5 लाख तक की सालाना आमदनी पर महज 2500 रुपये का टैक्स देना पड़ रहा है।
वित्त मंत्री ने बचत पर भी टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमने बचत के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट फिर से दी। अब सेविंग्स पर 1 लाख की छूट 1.5 लाख रुपये हो गई। फिर मैंने हाउजिंग लोन रीपेमेंट्स पर 50 हजार की अतिरिक्त छूट दी। 1.50 लाख रुपये बढ़कर 2 लाख रुपये हो गई।’ जेटली ने कहा कि ये सारे कदम ईमानदार कर दाताओं को राहत देने के लिए उठाए गए हैं।’