काशी नगरी पहुंचे भाजपा के दिग्गज, करेंगे ‘युवा उद्घोष’ का शंखनाद

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी से भाजपा की ओर से ‘युवा उद्घोष’ का शंखनाद करने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और योगी आदित्यनाथ दोपहर में काशी पहुंचे। सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे। इसके बाद एयर इंडिया के विमान एयर 406 से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पहुंचे, हवाई अड्डे पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान उनकी आगवानी की। एयरपोर्ट पर ही कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद भाजपा अध्यक्ष और योगी आदित्यनाथ एक ही कार से शहर स्थित सर्किट हाउस रवाना हो गए।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी से भारतीय जनता पार्टी 20 जनवरी को ‘युवा उद्घोष’ का शंखनाद करने जा रही है। पार्टी से जुड़े 17000 नए और युवा सदस्यों को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संगठन के संस्कारों और रीति-नीति से परिचित कराते हुए मिशन 2019 में तरुणाई की भूमिका तय करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल भी युवाओं में उत्साह का संचार करेंगे। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित युवा उद्घोष को संबोधित करने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह डेढ़ घंटे तक युवाओं से संवाद करेंगे।
संगठन के कार्यकर्ताओं के समानांतर नए सदस्यों के तौर पर पार्टी से युवाओं को जोड़ने के युवा उद्घोष के इस आयोजन को पार्टी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काशी से लांच कर रही है। काशी क्षेत्र के बाद पार्टी सूबे के अन्य पांच क्षेत्रों में युवा उद्घोष का आयोजन करेगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि तरुणाई को जोडऩे वाले इस अभियान को व्यापक स्वरूप देने के क्रम में ऐसे आयोजन प्रत्येक जिले में भी किए जाने की योजना है।
चार जनवरी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस माह काशी में शनिवार को दूसरा दौरा होगा। हालांकि वे अबकी पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। प्रोटोकॉल के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अबकी कुल छह घंटे 20 मिनट बनारस में रहेंगे और शाम 5.20 बजे एयरपोर्ट से गोरखपुर के लिए रवाना होंगे।
देश के पांचवें भारतीय रत्न एवं आभूषण संस्थान का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। इस संस्थान की आधारशिला पूर्व में तत्कालीन वाणिज्य मंत्री निमर्ला सीतारमण द्वारा रखी गई थी। विधायकों के विरुद्ध फैसला देते हैं, तो केजरीवाल के विधायकों की संख्या 66 से 46 रह जाएगी।