पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक शिविर पर आंतकी हमले में पांच जवान शहीद, दो आतंकी ढेर

नई दिल्ली। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक शिविर पर आज भोर से पहले भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने फिदायीन हमला किया जिसमें अद्धर्सैन्य बल के पांच जवान शहीद हो गये। पहली बार स्थानीय आतंकवादियों ने फिदायीन हमला किया है। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है। सीआरपीएफ के प्रवक्ता राजेश यादव ने बताया कि दो आतंकवादियों की पहचान द्रूबगाम (पुलवामा) के मंजूर अहमद बाबा और नजीमपुरा(त्राल) के फरदीन अहमद खानडे के तौर पर हुयी। खानडे एक मौजूदा पुलिसकर्मी का बेटा है।

बेकार नहीं जाएगा बलिदान, मुंहतोड़ देंगे जवाब : गृहमंत्री

हमले की निंदा करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें हमारे जवानों पर गर्व है। यह आतंकी हमला कायरता से भरा था। हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।पुलवामा हमले पर बोलते हुए गृहमंत्री राजनाथ ने कहा, ‘सारा देश शहीद जवान के परिवारों के साथ खड़ा है।’
यादव ने कहा, ‘सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए और तीन अन्य घायल हो गए। दो आतंकियों के शव भी बरामद कर लिये गए हैं। हमारा मानना है कि एक और आतंकवादी मारा गया है लेकिन अभी उसका शव बरामद नहीं किया जा सका है। दिल्ली में अद्धर्सैन्य बल के अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादी कथित रूप से जैश ए मोहम्मद से जुड़े थे और हथियार-कारतूसों के साथ उनके शव बरामद किये गए।’ यादव ने बताया कि शहीद जवानों में हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) से निरीक्षक कुलदीप राय, राजौरी (जम्मू कश्मीर) से हेड कांस्टेबल तौफील अहमद, बडगाम (जम्मू कश्मीर) में चांदीपुरा से कांस्टेबल शरीफुद्दीन गनी, चुरू (राजस्थान) के कांस्टेबल राजेंद्र नैन और सुंदरगढ (ओडिशा) के कांस्टेबल पी के पांडा हैं।
उन्होंने कहा कि गोलीबारी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से राय की मौत हो गयी जबकि चार अन्य गोलियों के शिकार हुए। उन्होंने कहा कि घायल जवानों में कांस्टेबल नरेंद्र कुमार, मलाम समाधान और माला राम हैं। उन्होंने कहा, ‘एक या दो आतंकवादी अभी भी छिपे हुए हैं लेकिन गोलीबारी रूक गयी है। सुरक्षा बल अभी भी तलाश अभियान चला रहे हैं। सीआरपीएफ के एक अन्य अधिकारी ने बताया,’रात करीब दो बजे भारी हथियारों से लैस आतंकवादी शिविर में घुस आये। वे अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर और स्वचालित हथियारों से लैस थे। आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवान घायल हो गए।’
पुलिस महानिदेशक एस पी वैद ने बताया कि सुरक्षा बलों को पिछले तीन दिनों से कश्मीर घाटी में आतंकी हमले के बारे में खुफिया सूचनाएं मिल रही थी। हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए वैद ने कहा पिछले दो-तीन दिनों से खुफिया सूचनाएं थी। वे (आतंकी) मौके की ताक में थे । शायद उन्हें पहले घुसने का मौका नहीं मिला। इसलिए उन्होंने रात को हमला किया। शिविर में कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के मुकाबले के लिए जवानों को शामिल करने के लिए प्रशिक्षण केन्द्र भी चलाया जा रहा है। इस शिविर में जम्मू कश्मीर पुलिस की एक टीम भी स्थित है।
उधर, जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस ने सीआरपीएफ शिविर पर आतंकवादी हमले और राजौरी जिले में पाकिस्तान की गोलीबारी में नियंत्रण रेखा पर सेना के एक जवान के मारे जाने की निंदा की। राजौरी जिले में एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा संघर्षविराम उल्लंघन की घटना में सेना का एक जवान शहीद हुआ। जेकेपीसीसी प्रमुख प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।