PM के मनमोहन पर बयान को लेकर जेटली की सफाई- उन पर नहीं उठाए सवाल

नई दिल्‍ली। संसद का शीतकालीन सत्र जारी है और इसके साथ ही हंगामा भी। हालांकि, इस हंगामें को खत्म करने की कोशिश जारी है। इसी क्रम में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार की तरफ से राज्यसभा में पीएम मोदी द्वारा मनमोहन सिंह पर दिए बयान को लेकर कहा कि पीएम मोदी ने पूर्व पीएम पर सवाल नहीं उठाया। अगर उनके बयान को लेकर ऐसा समझा जा रहा है तो गलत है।

बता दें कि संसद के शीत सत्र के पहले दिन से पीएम मोदी के बयान को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा करते हुए पीएमोदी से माफी की मांग कर रही है। इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखा।

वित्त मंत्री ने कहा पीएम मोदी ने अपने भाषणों में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और ना ही पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के देश के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल नहीं उठाए। इस तरह की कोई भी सोच गलत है। हम इन लीडर्स और देश के प्रति उनके योगदान और त्याग को उच्च सम्मान देते हैं।

वहीं दूसरी तरफ संसद में अनंत हेगड़े द्वारा संविधान को लेकर दिए बयान पर जमकर हंगामा जारी है और विपक्ष ने उनकी बर्खास्तगी की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर एक मंत्री को संविधान पर भरोसा नहीं तो उन्हें अपने पद पर रहने का अधिकार नहीं है। हेगड़े सदन में आएं और माफी मांगे।

 

 

राज्यसभा में जहां विपक्ष ने अनंत कुमार हेगड़े के संविधान बदलने वाले बयान पर हंगामा किया वहीं लोकसभा में विपक्ष मनमोहन सिंह पर पीएम के बयान को लेकर अपनी मांगे लिए अड़ा रहा। इससे पहले कांग्रेस ने लोकसभा में अनंत कुमार हेगड़े के बयान को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया। उधर नियम 267 के तहत कांग्रेस ने राज्य सभा में कार्यवाही रोकने का नोटिस भी दिया है।

 

दरअसल, केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने धर्मनिरपेक्ष लोगों का मजाक उड़ाने वाला बयान देकर एक और विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष लोग अपनी जड़ों से अनजान होते हैं। बता दें कि 4 दिनों के संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही बुधवार को एक फिर शुरू होनी है। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर दिए गए बयान पर पीएम नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग पर अड़े हुए थे। हालांकि भाजपा ने साफ कर दिया है कि पीएम मोदी सदन में कोई माफी नहीं मांगेंगे।

जानकारी मिल रही है कि मुस्लिमों में एक ही बार में तीन तलाक कहने की प्रथा को आपराधिक बनाने वाला विधेयक लोकसभा में गुरुवार को पेश किया जाएगा। इसके लिए भाजपा ने कमर कस ली है। भाजपा ने विप जारी करके लोकसभी सांसदों को गुरुवार और शुक्रवार को संसद में उपस्थित रहने को कहा है। भाजपा संसदीय दल की बैठक गुरुवार को सुबह 9:30 बजे होगी।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी समूह ने विधेयक तैयार किया है। विधेयक में एक ही बार में तीन तलाक या तलाक-ए-बिद्दत चाहे बोलकर, लिखित में, ईमेल, एसएमएस या वाट्सएप से कहने को गैरकानूनी और अमान्य बनाया गया है। ऐसा करने वाले पति के लिए तीन साल जेल का प्रावधान किया गया है। इस महीने के शुरू में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। विधेयक को पेश करने के लिए पिछले सप्ताह सूचीबद्ध किया गया था। विधेयक के प्रावधान के अनुसार, पति को जुर्माना भी किया जा सकता है। जुर्माना कितना होगा इसका फैसला मामले की सुनवाई करने वाले दंडाधिकारी करेंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा तलाक-ए-बिद्दत को अमान्य कर दिए जाने के बाद भी यह प्रथा नहीं रुकी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विधेयक लाया जा रहा है।