कुलभूषण से मिलने के लिए PAK विदेश मंत्रालय पहुंचीं मां और पत्नी

नई दिल्ली. जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद भारत के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव आज क्रिसमस के मौके पर अपनी मां और पत्नी से मिल सकेंगे. कुलभूषण की मां और पत्नी मुंबई से इस्लामाबाद पहुंच गई हैं. इस्लामाबाद में सबसे पहले वे भारतीय दूतावास गईं. मुलाकात के बाद शाम तक मुंबई वापस लौट आएंगी. पाकिस्तान में जाधव से उनकी मुलाकात विदेश मंत्रालय के ऑफिस में होगी. इस दौरान भारतीय उप उच्चायुक्त जेपी सिंह मौजूद रहेंगे. कुलभूषण और परिवार के बीच मुलाकात कहां, किस समय और किस तरह होगी, इसके एक-एक बिंदू पर रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच विचार-विमर्श हुआ था. सफेद लैंड क्रूजर गाड़ी में कड़ी सुरक्षा के बीच इन दोनों को पहले भारतीय हाईकमिशन ऑफिस ले जाया गया.

कुलभूषण जाधव की उसके परिजनों के साथ मुलाकात को लेकर पाकिस्तान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. विदेश मंत्रालाय के आसपास आतंक निरोधी दस्ते, शार्प शूटर्स और पाकिस्तानी रेंजर्स को तैनात किया गया है. मीडिया और सुरक्षाकर्मियों के अलावा किसी अन्य ट्रैफिक को इस इलाके पर जाने पर पाबंदी लगाई हुई है.

परिवार के साथ डिप्टी हाईकमिश्नर के जाने पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जिओ टीवी को बताया कि पाकिस्तान ने जाधव मामले में कांसुलर की मंजूरी दे दी थी. इस पर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डिप्टी हाईकमिश्नर के पाकिस्तान जाने को राजयनिक मदद ना माना जाए. कुलभूषण के परिजन लंबे समय से उनसे मिलने की मांग कर रहे थे. पिछले 20 दिसंबर को पाकिस्तान ने पत्नी और मां को तीन दिन का वीजा देने की बात कही थी. पत्नी और मां को शनिवार को पाकिस्तान भेजने का कार्यक्रम था, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से केवल एक दिन का वीजा देने पर फैसला हुआ. पाकिस्तान यात्रा के दौरान कुलभूषण के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. जानकारी के मुताबिक, परिजनों को कुलभूषण के लिए खाने-पीने का कुछ भी सामान ले जाने के लिए मना किया गया है.

कुलभूषण के लिए कपड़े ले जाने की इजाजत दी गई है. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि चूंकि पाकिस्तान कुलभूषण को मारना चाहता है, इसलिए पाकिस्तान उसकी हत्या कर बाद में उसके खाने में जहर होने की बात कह सकता है. ऐसी बातें भी कही जा रही हैं कि इस मुलाकात के बाद पाकिस्तान कुलभूषण को फांसी दे सकता है.

बता दें कि कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर हैं. पाकिस्तान सरकार ने उन्हें तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. हालांकि भारत का कहना है कि जाधव रियाटरमेंट के बाद ईरान में अपना खुद का कारोबार कर रहे थे, पाकिस्तान ने उन्हें ईरान ने अगुवा किया गया था. पाकिस्तानी सेना ने उन पर बलूचिस्तान में दंगा फैलाने और जासूसी का आरोप लगाते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. लेकिन मई में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने भारत की अपील पर इस सज़ा पर रोक लगा दी थी.

पाक के टीवी चैनल पर दिखाया गया था जाधव का कबूलनामा : पाकिस्तान ने एक वीडियो जारी किया था. वीडियो में जाधव ने कहा कि वह मुंबई में रहता है, और ‘अब भी भारतीय नौसेना का अधिकारी है, जिसकी सेवानिवृत्ति 2022 में होनी है…’ उसने कहा कि उसने वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद खुफिया विभाग में काम करने से करियर शुरू किया था, और बाद में उसने ईरान में छोटे स्तर पर व्यापार शुरू किया, जिसकी वजह से उसे पाकिस्तान आने-जाने में सहूलियत होने लगी, और वर्ष 2013 में उसे रॉ एजेंट बना लिया गया. उसके मुताबिक उसे 3 मार्च को ईरान से पाकिस्तान में घुसने की कोशिश के दौरान ही गिरफ्तार किया गया.