जयललिता के ‘आखिरी वीडियो’ पर सियासी घमासान, लगाई दिखाने पर रोक

तमिलनाडु में आरके नगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से एक दिन पहले सत्ताधारी एआईएडीएमके के टीटीवी दिनाकरण धड़े ने पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता का एक वीडियो जारी किया. इस वीडियो में एआईएडीएमके की पूर्व प्रमुख प्लास्टिक के एक ग्लास से जूस पीते दिख रही हैं. उपचुनाव से ठीक पहले जारी हुए इस वीडियो को लेकर राज्य में सियासी घमासान गर्मा गया है और चुनाव आयोग ने भी आचार संहित लागू होने के मद्देनजर इस वीडियो के प्रसारण पर रोक लगा दी है.

आरके नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहीं जयललिता के पिछले साल दिसंबर में निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी. सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें 22 सितंबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां लंबे इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और 5 दिसंबर को उनका निधन हो गया. हालांकि उनकी मौत को लेकर कई तरह के रहस्य बरकरार हैं और विरोधी धड़े में इसमें साजिश की आशंका जताते रहे हैं.
अपने समर्थकों के बीच ‘अम्मा’ के नाम मशहूर जयललिता की मौत की वजहों की जांच के लिए एक आयोग भी गठित किया गया है. ऐसे में उपचुनाव से ठीक पहले दिनाकरण कैंप की तरफ से जारी किया गया यह वीडियो जयललिता के निधन को लेकर चल रही साजिश की अटकलों पर विराम लगाने और लोगों की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

जयललिता का यह वीडियो जारी करने वाले विधायक एस वेत्रिवेल कहते हैं, ‘कई लोग पूछ रहे हैं कि यह वीडियो कैसे शूट किया गया. यह वीडियो उन्हें (जयललिता को) आईसीयू से शिफ्ट किए जाने के बाद शशिकला ने शूट किया था. मैंने दिनकरण या शशिकला से पूछे बिना ही यह वीडियो जारी किया है.’ वह कहते हैं कि ओ पन्नीरसेल्वम और ई पलानीस्वामी का धड़ा जयललिता के निधन को लेकर सवाल उठाया करता था और मैंने साजिश की अटकलों को विराम देने के लिए यह वीडियो जारी किया है.

वहीं एआईएडीएमके विधायक डी जयकुमार ने यह वीडियो जारी किए जाने की मंशा पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, आरके नगर उपचुनाव से ठीक पहले इस वीडियो को जारी किए जाने का मकसद वोटरों को प्रभावित करना प्रतीत होता है. यहां आचार संहिता लागू हैं और हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग वेत्रिवेल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगा.

अस्पताल में भर्ती जयललिता का यह वीडियो कब का है, फिलहाल यह साफ नहीं, हालांकि शशिकला के भतीजे दिनाकरण का दावा था कि यह वीडियो मुख्यमंत्री की करीबी सहयोगी शशिकला ने उनके अस्पताल में रहने के दौरान बनाया था. शशिकला भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में फिलहाल जेल में हैं.