5 साल में 81 घरेलू मैच खेलेगा भारत, आधे से ज्यादा मैच टॉप-3 टीमों से

भारत 2019 से 2023 के बीच तीनों फॉर्मेट में 81 घरेलू मैच खेलेगा। बीसीसीआई ने सोमवार को एजीएम में इन पांच सालों के लिए फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) का फैसला लिया। यह मौजूदा एफटीपी (2015-19) से 30 मैच अधिक हैं। हालांकि बोर्ड ने खेल के दिनों में कटौती कर दी है। खेलने के दिनों की संख्या 390 से 306 हो गई है। मौजूदा एफटीपी में टीम इंडिया को एक साल में औसतन 97.5 दिन खेलना होता है। जबकि नए एफटीपी में उसे 76.5 दिन ही खेलना होगा। बोर्ड ने एजीएम में यह भी कन्फर्म किया कि भारत 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 में वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा।
बीसीसीआई के कायर्कारी सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा, ह्यपहले पांच साल के एफटीपी साइकल में तीनों फॉर्मेट में 51 मैच थे। नए प्रस्ताव में इन मैचों की संख्या 81 हो गई है। हमने मैचों के दिनों की संख्या 20% कम कर दी है। हम कम रैंकिंग वाली टीमों से टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे। खेलने के दिनों की संख्या कम करने का सीधा मतलब है कि हम वनडे और टी20 मैच ज्यादा खेलेंगे। द्विपक्षीय वनडे सीरीज बढ़ाएंगे। हमारे आधे से ज्यादा घरेलू मैच 3 बड़ी टीमों आॅस्ट्रेलिया, द. अफ्रीका और इंग्लैंड से होंगे।ह्ण बीसीसीआई कम रैंकिंग वाली टीमों से टेस्ट खेलने को ज्यादा तरजीह नहीं देगा।
बोर्ड की एजीएम में यह भी फैसला लिया गया कि भारत 2019 में टेस्ट सीरीज के लिए अफगानिस्तान की मेजबानी करेगा। यह अफगानिस्तान का पहला टेस्ट होगा। पहले अफगानिस्तान का आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट खेलने का कार्यक्रम था। अफगान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई को धन्यवाद कहा है। इस बीच, अमिताभ चौधरी ने कहा, ह्यअगर सरकार इजाजत देती है तो भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज शुरू हो सकती है।