बैंक के एनपीए को लेकर लेना होगा बड़ा फैसला : यशवंत सिन्हा

नई दिल्ली। हाल ही में यशवंत सिन्हा द्वारा लिखे गए एक लेख पर मचे सियासी तूफान के बाद वो पहली बार मीडिया के सामने आए। बृहस्पतिवार को उन्होंने कहा कि 8 लाख करोड़ रुपए एनपीए में फंसा हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट हुई है। मुझे लगा कि बात को सामने रखना चाहिए। यशवंत सिन्हा ने कहा कि बैंक बुरी तरह से फंसे हुए हैं जिसके कारण बैंक ने कर्ज देना बंद कर दिया, अर्थव्यवस्था धीमी हुई। फिर नोटबंदी की और जीएसटी लागू कर दी गई जिसके बाद स्थिति बिगड़ती गई।
यशवंत सिन्हा बोले कि मैं बीजेपी में जीएसटी का सबसे बड़ा पक्षधर रहा हूं, उस समय मैं उस कमेटी में था। जब गुजरात सरकार के विरोध के बावजूद मैंने जीएसटी के काम को आगे बढ़ाया। आज जो लोग जीएसटी को आजादी के बाद का सबसे बड़ा रिफॉर्म बता रहे थे, उस समय वो कहीं पर भी नहीं थे।
1 जुलाई से जीएसटी को लागू करने का कोई फायदा नहीं हुआ है, 1 अप्रैल से लागू करते तो काफी अच्छा रहता। ऐसा नहीं है कि सरकार को लकवा मार गया है फैसले हो रहे हैं। सरकार में कन्फ्यूज़न की स्थिति है, कल्याण की योजनाओं के अलावा भी कई और सुधार करने होंगे। बैंक के एनपीए को लेकर को बड़ा फैसला लेना होगा।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि 40 महीने के बाद किसी और को दोष नहीं दिया जा सकता है। देश की जनता चाहती है कि आज ही रोजगार मिलें। आपको बता दें कि बुधवार को उन्होंने देश के आर्थिक हालात को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि जीडीपी ग्रोथ भी चिंताजनक है। देश की आर्थिक हालत ठीक नहीं है, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी प्रतिक्रिया हुई थी।
यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा ने दिया जवाब
हालांकि उनके बेटे और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति अच्छी है। देश तरक्की कर रहा है। जीएसटी का फायदा लोगों को मिलेगा। नोटबंदी का भी फायदा हुआ है। जयंत सिन्हा ने एक अंग्रेजी अखबार के लिए लिखे गए लेख में कहा कि जीएसटी, नोटबंदी और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा एक गेमचेंजिंग कोशिश हैं। जिसका असर लंबे समय में दिखेगा। हर मंत्रालय नई तरह की पॉलिसी बना रहा है अब कोयला की नीलामी भी सही तरीके से हो रही है। इस सरकार के कायर्काल में एफडीआई के आंकड़ों में काफी बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, यशवंत सिन्हा ने कहा था कि जीएसटी और नोटबंदी से फायदे की जगह नुकसान हो रहा है। इस प्रकार देश की आर्थिक स्थिति को लेकर पिता यशवंत सिन्हा पुत्र जयंत सिन्हा आमने-सामने हैं। एक अखबार के माध्यम से पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने देश के आर्थिक हालात को लेकर अपनी बातें रखी थी, लेकिन आज वो तमाम मीडिया से रूबरू होंगे और देश की आर्थिक स्थिति पर एक बार फिर से बातचीत करेंगे। आज शाम को उनके बेटे जयंत सिन्हा भी मीडिया को यशवंत सिन्हा द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देंगे।