लालू ने नीतीश को बताया भस्मासुर

रांची। आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने पलटवार किया है। लालू ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को एकजुट किया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों ने उनकी हत्या कर दी। नीतीश के फैसले से गांव-गांव के लोग नाराज हैं। लालू ने कहा कि अफसोस है कि हमारे बीच गांधी नहीं है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों को झांसा दिया। अमित शाह ने कहा कि 15-15 लाख रुपये देने का वादा जुमला था। भाजपा ने 15-15 लाख देने का ढोंग रचा था, मोदी ने देश की जनता से किया वादा नहीं निभाया।
मायावती का जिक्र करते हुए लालू ने कहा कि दलित भाई और पिछड़े वर्ग के लोगों ने हमें वोट दिया। लालू ने नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने नीतीश के डीएनए पर भी सवाल उठाया था। नीतीश पर निशाना साधते हुए लालू ने बिहार की एक कहावत कही और कहा कि एगो छौड़ी बुड़की।। जिधर देखे दही चूड़ा।। उधर जाए हुड़की।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोग जागरूक हैं और उनके फैसले से गांव-गांव के लोग नाराज हैं। राजद नेता ने कहा कि हम सत्ता के लोभी नहीं हैं। नीतीश सत्ता के बहुत बड़े लोभी हैं, अवसरवादी हैं। नरेंद्र मोदी और आरएसएस के खिलाफ हमको मैंडेट मिला था। लालू ने कहा कि नीतीश ने बीजेपी को खाने पर बुलाकर पत्तल खींचा था। वे लोग आए और ड्रामा शुरू कर दिया। बिहार के लिए जिस पैकेज की घोषणा हुई थी उसका क्या हुआ। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ था। जनता ने सेक्युलर ताकतों को वोट दिया था। लालू ने कहा कि आरएसएस के लोगों ने अफवाह फैलाई कि अगर लालू-नीतीश जीत गए तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे।
लालू ने कहा कि मैंने शिव की तरह नीतीश को आशीर्वाद दिया कि जाओ राज करो और वो भस्मासुर निकला। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ नीतीश के कहने पर केस दर्ज हुआ। सुशील मोदी को कहा गया कि आप रोज प्रेस कान्फ्रेंस करो। नीतीश कुमार अमित शाह से मिल चुके थे। सब सेटिंग था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने कौन सा अपराध किया है। बड़ी पार्टी होने के बावजूद हमने नीतीश को मुख्यमंत्री बनाया। लालू ने कहा कि जो दोस्त होता है वो मुश्किल में काम आता है। नीतीश कुमार ने कभी फोन भी नहीं किया। मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय मीडिया विपक्ष से लड़ रहा है। लालू ने कहा कि मैंने नीतीश को फोन किया था और उन्होंने कहा कि हम इस्तीफा नहीं मांग रहे हैं। सिर्फ मीडिया हल्ला कर रहा है।
लालू ने यह भी कहा कि लालच होता तो नीतीश को मुख्यमंत्री नहीं बनाता। नीतीश कफन की बात कर रहे हैं अरे उनके कफन में तो झोला है। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश को मुख्यमंत्री बनने का मन नहीं था, तो नेता चुनते। बैठक बनाकर नेता का चुनाव होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल को हमें पहले बुलाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विधायकों को रात भर कमरे में बंद करके रखा गया। हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार पर मर्डर का केस है। 16 नवंबर 1991 को सीताराम सिंह की हत्या हुई। मेरे छोटे भाई इस मामले में मुदालय हैं। लालू ने कहा कि नीतीश ने सीताराम सिंह की हत्या की। लालू ने कहा कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी कभी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े। अगर लड़ते भाव पता चल जाता।
लालू ने कहा कि नीतीश कुमार की पहले से बीजेपी के साथ सेटिंग थी और उन्होंने बीजेपी के साथ ही जाना था। तेजस्वी तो एक बहाना था। उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ कि नकली नीतीश चले गए। लालू ने कहा कि अखिलेश, मायावती, ममता बनर्जी सहित तमाम विपक्षी नेता बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला है। 27 अगस्त को पटना में विपक्ष की जोरदार रैली होगी।