राजनाथ ने की नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक

नई दिल्ली (एजेंसी)। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नक्सल समस्या से निपटने के लिए आठ सूत्रीय ‘समाधान’ सुझाते हुए नक्सल प्रभावित राज्य सरकारों से इसे ‘लक्ष्य की एकता’ के रूप में स्वीकार कर लागू करने का अनुरोध किया है। सिंह ने नक्सल प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि समाधान सिद्धांत के तहत कुशल नेतृत्व, आक्रामक रणनीति, प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण, कारगर खुफियातंत्र, कायर्योजना के मानक, कारगर प्रोद्यौगिकी, प्रत्येक रणनीति की कायर्योजना और नक्सलियों के वित्तपोषण को विफल करने की रणनीति को शामिल करने की जरूरत बताई। सिंह ने पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए नक्सल विरोधी अभियानों को लागू करने में हर कदम पर आक्रामक कारर्वाई की जरूरत पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या से निपटने की नीति से रणनीति और सुरक्षा बलों की तैनाती, सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों को पूरा करने तक आक्रामक होने की जरूरत है। सम्मेलन में पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हिस्सा लेने के लिए नहीं पहुंच सके। जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
सिंह ने नक्सल प्रभावित सभी राज्य सरकारों से नक्सली हिंसा के खात्मे को ‘साझा लक्ष्य’ मानते हुए कायर्योजना को लागू करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ‘बंदूक की नोंक पर विकास को रोकने और लोकतंत्र का गला घोंटने’ के प्रयासों को विफल करने के लिए एकीकृत कमान का गठन कर साझा रणनीति को अपनाना होगा।
उन्होंने मौजूदा रणनीति के तहत नक्सल विरोधी अभियानों में नक्सली ठिकानों का पता लगाने में मानवरहित विमानों (यूएवी) के कम इस्तेमाल का जिक्र करते हुये इसे बढ़ाने को जरूरी बताया। छत्तीसगढ़ में नक्सलरोधी अभियान में अद्धर्सैनिक बल के 25 जवानों की मौत के दो सप्ताह बाद आयोजित इस सम्मेलन में गृहमंत्री ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि बंदूक की नोंक पर विकास बाधित करने और लोकतंत्र का गला घोंटने के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।’