चीनी मिल स्कैम: बसपा-सपा दोनों पर लग रहे हैं आरोप

लखनऊ। योगी सरकार दिन-रात एक्शन में है। आधी रात तक फिर चली बैठक में योगी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। योगी सरकार ने चीनी मिलों को इस साल के गन्ने का भुगतान 23 अप्रैल तक करने का आदेश दिया है। साथ ही मायावती के राज में 21 सरकारी चीनी मिलों को बेचने में हुए घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं। मायावती के साथ-साथ यूपी के गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी घोटाले में शामिल होने के आरोप लगाए हैं।
एक चैनल से बातचीत में सुरेश राणा ने कहा, ‘मायावती के साथ अखिलेश यादव भी चीनी मिल घोटाले में शामिल हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अभी ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और इसमें सरकार का मत जाना गया है। पिछले पांच सालों में अखिलेश सरकार ने भी इस मामले में कोताही बरती है। अखिलेश ने इस मामले को दबाने की कोशिश की है।’
राणा ने आगे कहा, ‘बहुत सारी चीनी मिलें ऐसे ही जिनका ऐरिया बहुत बड़ा है और वह शहरी क्षेत्र में हैं लेकिन फिर भी उन्हें कोड़ियों के भाव बेच दिया गया। ये सभी जांच के बिन्दु है। सरकार अपना मत प्रभावी तरीके से देकर इसकी जांच कराएगी। अगर फिर भी कोई चीज़ छिपी रह जाती है तो इसकी जांच सीबीआई से कराएंगे।’वहीं इस मामले पर यूपी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है उन्हें इसकी सज़ा भुगतनी होगी। हमारी सरकार ईमानदारी से काम कर रही है।’ उन्होंने कहा, ‘अखिलेश या मायावती की योजनाएं सिर्फ कंप्यूटर में दिखती हैं। ये योजनाएं जनता तक नहीं पहुंच रही थीं।
श्रीकांत शर्मा ने कहा, पिछली सरकारों ने चलती हुई मिलों बेचने का काम किया है। ऐसी सरकार तो खुद किसान विरोधी है। हमारी सरकार जनता के हितों के लिए काम कर रही है। अगर विकास के आड़े कोई आएगा तो उसपर कारर्वाई की जाएगी। योगी जो कह रहे हैं, उस पर लगातार अमल भी कर रहे हैं। तीन दिन पहले दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने गन्ना किसानों को लेकर जो कहा था, उस पर बीती रात लखनऊ में मंत्रियों और अफसरों की बैठक में फैसला कर लिया गया। आधी रात तक चली बैठक में योगी सरकार ने मौजूदा साल का गन्ना बेचने वाले किसानों को 23 अप्रैल तक हर हाल में भुगतान करने का आदेश चीनी मिलों को दिया है। ऐसा न करने वाले मिल मालिकों पर केस होगा।
सरकार ने फैसला किया है कि गन्ना किसानों की शिकायतों के निपटारे के लिए जल्द ही एक टोल फ्री नंबर जारी होगा। आधी रात तक चली बैठक में सभी चीनी मिलों को योगी ने हर साल एक एक गांव गोद लेने के आदेश दिए हैं। यूपी में 116 चीनी मिलें हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती दोहरी मुसीबत में फंसती दिख रही है। एक तरफ इनकम टैक्स विभाग ने उनके भाई आनंद कुमार से जुडे एक दर्जन से ज्यादा फर्मों पर छापा मारा है, दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ ने उनके राज में बेचे गये 21 सरकारी चीनी मिलों की जांच के आदेश दिये हैं। सरकार ने कहा है कि अगर ज़रूरी हुआ तो इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश भी की जा सकती है।
चीनी मिलों की इस बिक्री में 1180 करोड़ के घोटाले का आरोप है और योगी सरकार इस मामले की सीबीआई जांच की भी तैयारी कर रही है। मायावती के भाई आनंद कुमार से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा प्रतिष्ठानों पर दिल्ली और उसके आसपास के इलाके में शुक्रवार को छापा पड़ा है। छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त हुए हैं। नोटबंदी के दौरान इनके खातों में 1.43 करोड़ जमा हुआ था।
योगी सरकार ने आगजनी से तबाह हुए गेहूं किसानों को भी मुआवजा देने का फैसला किया है। योगी सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो जले हुए गेहूं खेत का मौके पर जाकर मुआयना करें और नुकसान की रिपोर्ट राज्य सरकार को दें। उसके बाद राज्य सरकार एक सप्ताह के अंदर मुआवजे की राशि किसानों को देगी। बिजली के बारे में योगी सरकार ने फैसला किया है कि सभी परीक्षा केंद्रों में भी बिजली सप्लाई की जाएगी। साथ ही बिजली चोरों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई की जाएगी।
योगी के आधी रात तक के एक्शन में कई विभागों ने अपना लेखा-जेखा पेश किया। योगी के सामने पीडब्लूडी, आवास और शहरी नियोजन, इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी और परिवहन विभाग के अफसरों ने का प्रजेंटेशन दिया था।