समाज में अब भी अभिनेत्रियों को लेकर रूढ़िवादी सोच बनी हुई है : भूमि पेडनेकर

पणजी। हिंदी फिल्मों में भले ही पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत महिला किरदार पेश किए जाने लगे हों, लेकिन भूमि पेडनेकर का मानना है कि समाज में अब भी फिल्म अभिनेत्रियों को लेकर रूढ़िवादी सोच बनी हुई है। भूमि ने यहां चल रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में ब्रेकिंग स्टीरियोटाइप्स पर मास्टरक्लास में हिस्सा लिया और बाद में कहा कि एक मजबूत और आत्मविास से भरपूर महिला को हमेशा मुश्किल महिला की संज्ञा दी जाती है। उन्होंने कहा, समाज में हर कहीं, यहां तक कि मेरी रिश्तेदारी में भी, जब लोगों को पता चला कि मैं अभिनेत्री बनने वाली हूं तो वे काफी परेशान हो गए क्योंकि अभिनेत्री शब्द के साथ काफी नकारात्मकता जुड़ी हुई है। सिनेमा में लंबे समय से महिलाओं को उनकी वाजिब जगह नहीं मिली है और महिलाओं को पुरु षों के चश्मे से देखा जाता है। भूमि ने कहा, मुझे लगता है कि हमारी संस्कृति में, किसी भी ताकतवर महिला को मुश्किल कहा जाता है, या उसके लिए अलग-अलग शब्द का इस्तेमाल किया जाता है जोकि अपमानजनक है। हमारी संस्कृति में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है और हमें इसे लेकर कुछ करने की जरूरत है।

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