संरा प्रमुख की रिपोर्ट, छत्तीसगढ़ और झारखंड में नक्सली कर रहे हैं बच्चों का इस्तेमाल

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस की बच्चों और सशस्त्र संघर्ष के बारे में आई रिपोर्ट पर भारत ने निराशा जताई है और कहा है कि इसमें ऐसी स्थितियों को शामिल किया गया है जो सशस्त्र संघर्ष या अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा को खतरे की परिभाषा से मेल नहीं खाती हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उप प्रतिनिधि तन्मय लाल कल यहां ‘बच्चों एवं सशस्त्र संघर्ष’ पर विषय पर चर्चा में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि यूएनएससी प्रस्ताव 1379 में महासचिव से अनुरोध किया गया है कि वह उन स्थितियों के बारे में रिपोर्ट दें जो सुरक्षा परिषद के एजेंडा में हैं या जिन्हें महासचिव अंतरराष्ट्रीय अमन और सुरक्षा को खतरा मानते हैं और सुरक्षा परिषद की नजर में लाना चाहते हैं। रिपोर्ट में कश्मीर, छत्तीसगढ़ और झारखंड का जिक्र है। लाल ने कहा, ‘‘यूएनएससी प्रस्ताव 1379 के तहत स्पष्ट आदेश के बावजूद, हम इस बात से निराश हैं कि महासचिव की रिपोर्ट में ऐसी परिस्थितियों को शामिल किया गया है जो सशस्त्र संघर्ष या अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने को लेकर खतरे की परिभाषा से मेल नहीं खाती हैं।

‘बच्चों और सशस्त्र संघर्ष’ पर महासचिव की रिपोर्ट में कहा गया कि सशस्त्र समूहों और सरकार के बीच संघर्ष की घटनाओं से बच्चे लगातार प्रभावित हो रहे हैं, खासकर छत्तीसगढ़, झारखंड और जम्मू – कश्मीर में तनाव के दौरान। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र को ऐसी खबर भी लगातार मिल रही है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड में नक्सली बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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