राहुल के साथ उपवास से पहले कांग्रेस नेताओं ने खाए ‘छोले-भटूरे’

नई दिल्ली. देशभर में दलितों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे देश में उपवास रख रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद राजघाट पर उपवास पर बैठे हैं. लेकिन इस बीच एक फोटो सामने आई है. बीजेपी नेता हरीश खुराना ने एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें कांग्रेस नेता अजय माकन, हारुन युसुफ, अरविंदर सिंह लवली छोले-भटूरे खा रहे हैं. आपको बता दें कि हरीश खुराना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मदन लाल खुराना के बेटे हैं. कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने इस तस्वीर के सही होने की बात स्वीकार कर ली है.
हरीश खुराना ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस के नेताओं ने लोगों को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है. खुद एक रेस्तरां में बैठकर छोले भटूरे के मज़े ले रहे हैं. सही बेवकूफ बनाते हैं.

कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने स्वीकार किया है कि ये तस्वीर आज की ही है. उन्होंने कहा कि ये तस्वीर सुबह 8 बजे से पहले की है. उन्होंने कहा कि ये एक सांकेतिक उपवास था, पूरे दिन का नहीं था. ये उपवास सुबह 10.30 बजे के बाद शुरू होना था, इसमें कोई दिक्कत नहीं है.

गौरतलब है कि कांग्रेस के द्वारा बुलाए गए इस उपवास के साथ ये लगातार दूसरा विवाद जुड़ा है. इससे पहले सिख दंगों के आरोपी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार के राजघाट पहुंचने पर भी विवाद हुआ था. राहुल गांधी के उपवास वाले स्थल पर पहुंचने से पहले ही विवाद हुआ था. बताया जा रहा है कि जैसे ही टाइटलर वहां पहुंचे तो अजय माकन ने उनके कान में कुछ कहा जिसके बाद वो वापस चले गए.
बता दें कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार 1984  में हुए सिख दंगों के आरोपी हैं. हालांकि, जगदीश टाइटलर ने कहा है कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं, बल्कि जनता के बीच में जाकर बैठेंगे.
करीब दो घंटे के उपवास पर बैठेंगे राहुल गांधी
राजधानी दिल्ली में राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी सांकेतिक उपवास रख रहे हैं. राहुल के अलावा यहां पर दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन समेत कई अन्य नेता भी शामिल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि राहुल करीब 2 घंटे उपवास पर बैठेंगे.
राजघाट पहुंचने के बाद राहुल ने सबसे पहले महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि दी. कांग्रेस पार्टी सीबीएसई पेपर लीक, पीएनबी घोटाले, कावेरी मुद्दे, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जे देने और दलितों के खिलाफ हो रहे हमले जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संसद में चर्चा कराने में केंद्र सरकार की नाकामी के खिलाफ धरना दे रही है.

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