बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या

बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई है. बजरंगी पर लूट और हत्या के कई मामले दर्ज थे. वह पेशेवर हत्यारा था.
कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में वह जेल में बंद था. मुन्ना बजरंगी को मुख्तार अंसारी का खास माना जाता था.
पूर्व बीएसपी विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में सोमवार को मुन्ना बजरंगी की पेशी थी. पेशी से पहले गैंगवार में जेल में उसकी हत्या हो गई. एक दिन पहले ही रविवार को उसे झांसी जेल से बागपत लाया गया था. रिपोर्टों के मुताबिक, उसे तन्हाई बैरक में कुख्यात सुनील राठी ओर विक्की सुंहेड़ा के साथ रखा गया था.
मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है. 1967 में यूपी के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में मुन्ना बजरंगी का जन्म हुआ था.
7 लाख का इनाम घोषित था. दिल्ली पुलिस ने पहले इसे गिरफ्तार किया था लेकिन वह फरार हो गया था. मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा ने 29 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्या की आशंका जताई थी.
पुलिस के मुताबिक, मुन्ना बजरंगी को गैंगस्टर सुनील राठी ने मारा है. यह घटना सोमवार सुबह तब हुई जब उसे बागपत के एक स्थानीय कोर्ट में पेशी के लिए ले जाने की तैयारी हो रही थी.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कारावास) शरद ने बताया कि इस हत्या मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इसकी भी जांच होगी कि जेल के अंदर हथियार कैसे पहुंचा और सुरक्षा में चूक के क्या कारण रहे.
2005 में कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में मुन्ना बजरंगी साल 2009 से जेल में बंद था. उस पर 7 लाख रुपए के इनाम की घोषणा होने के बाद यूपी पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था. 2012 में मुन्ना बजरंगी ने जौनपुर जिले के मड़ियाहू सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन हार गया था. चुनाव में उसे 12 प्रतिशत वोट मिले थे.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुन्ना बजरंगी की हत्या मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.

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