पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: मतदान के दौरान लगातार आ रही हैं भारी हिंसा की खबरें, 41 घायल, 6 की मौत

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए जारी वोटिंग के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों की पोल खुलने लगी है। कई जगहों से मतदान के दौरान भारी हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर हुई झड़पों में 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं जबकि 6 लोगों की जान चली गई है। राज्य के कई हिस्सों से बूथ कैप्चरिंग, वोटरों को धमकाने और बैलट इधर-उधर करने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
बैरकपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को चाकू मार दिया गया। उन्हें जब अस्पताल ले जाया गया तब तक उनके पेट मे चाकू लग हुआ था। आखिरकार उनके जख्म जानलेवा साबित हुए। उधर, उत्तरी 24 परगना में एक बम धमाके में 20 लोग घायल हो गए। इससे पहले कूचबिहार में दो गुटों के बीच झड़प में 20 लोग घायल हो गए थे। उत्तर दिनाजपुर में कुछ लोगों ने बैलट बॉक्स को ही आग के हवाले कर दिया।

उत्तरी 24 परगना के अमडंगा के साधनपुर में एक देसी बम फट गया। घटना में 20 लोग घायल हो गए। उधर, बीरपाड़ा से सामने आए एक विडियो में कथित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता एक पोलिंग बूथ के बाहर लोगों को वोट डालने जाने से रोकते हुए दिख रहे हैं और भांगर में टीएमसी पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे हैं।

 

अमडंगा के ही पांचपोटा में बम धमाके में एक सीपीएम कार्यकर्ता की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अमडंगा के कुलताली में एक टीएमसी कार्यकर्ता आरिफ गाजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उधर, उलुडंगा में बम धमाके में पांच लोग घायल हो गए।

इससे पहले शनिवार को कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) के एक कार्यकर्ता देबू दास और उसकी पत्नी ऊषा दास को जलाकर मार डालने की घटना भी सामने आई है। बताया गया है कि उनके घर को आग लगा दी गई थी जिसमें दोनों की मौत हो गई। पार्टी ने घटना के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है।

बंगाल के कूचबिहार में दो गुटों के बीच झड़प में करीब 20 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों ने उन पर हमला करने का आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। उन्होंने बताया, ‘हम वहां वोट करने गए थे लेकिन टीएमसी के लोगों ने लाठियों से हम पर हमला कर दिया।’ सभी घायलों को एमजेएन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

 

गौरतलब है कि चुनाव के लिए नामांकन के समय से ही राज्य का अलग-अलग हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आ रही थीं। इसके मद्देनजर चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए है और असम, ओडिशा, सिक्किम और आंध्र प्रदेश से लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

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