डीएमके नेता एमके स्टालिन को निर्विरोध पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया, पहले भाषण में ही केंद्र सरकार पर साधा निशाना

चेन्नै। डीएमके नेता एम. के. स्टालिन को मंगलवार को निर्विरोध पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। स्टालिन पार्टी के दूसरे अध्यक्ष चुने गये हैं। इससे पहले उनके पिता एम. करुणानिधि करीब 50 वर्ष तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। उन्हें 1969 में पार्टी प्रमुख चुना गया था। बतौर डीएमके चीफ अपने पहले भाषण में स्टालिन ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

स्टालिन ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर संस्थानों को बर्बाद करने का आरोप लगाया और साथ ही अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से मोदी सरकार को सबक सिखाने की अपील की। स्टालिन ने कहा, ‘आज के राजनीतिक हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। शिक्षा, कला, साहित्य, धर्म सब पर सांप्रदायिक ताकतों द्वारा हमला हो रहा है। केंद्र सरकार न्यायपालिका और राज्यपालों की नियुक्ति को अस्थिर करना चाहती है। इसने हमारे देश के सेक्युलर ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। आइए मिलकर मोदी सरकार को सबक सिखाते हैं।’

स्टालिन के बतौर डीएमके चीफ पहले भाषण का वहां मौजूद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ अभिवादन किया। गौरतलब है कि पार्टी प्रमुख पद के लिए 26 अगस्त को नामांकन भरने वाले स्टालिन एकमात्र प्रत्याशी थे। ऐसे में उनका चयन निर्विरोध हुआ। कलैनार अरांगम में हुई बैठक में जैसे ही स्टालिन के नाम की घोषणा हुई, पूरा समां ‘तलपति’ (दलपति) के नारे से गूंज उठा। डीएमके के प्रधान सचिव दुरई मुरुगन को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। वह स्टालिन की जगह लेंगे, जिनके अध्यक्ष बनने के कारण पार्टी कोषाध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था।

स्टालिन के डीएमके अध्यक्ष चुने जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें बधाई दी है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘एमके स्टालिन को डीएमके का अध्यक्ष चुने जाने की बधाई। मैं उनके राजनीतिक सफर में नये अध्याय की शुरुआत होने पर उनकी खुशहाली और सफलता की कामना करता हूं।’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी स्टालिन को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *