टिक जाएगी आपकी आंखों पर नजर

नई दिल्ली (डेस्क)। अकसर बड़ी, बादामी, चमकीली और कटीली आंखों को खूबसूरत माना जाता है। ऐसी आंखें जिनसे नजरें हटती ही नहीं हैं। पर, जरूरी नहीं कि प्राकृतिक रूप से हर किसी की आंखें इतनी ही खूबसूरत हों। अगर आप भी अपनी आंखों की खूबसूरती को निखारना चाहती हैं तो आपको आई मेकअप से जुड़ी मुख्य बातों को सीखना होगा। यह सच है कि शुरुआत में कुछ कमियां रह जाएंगी, लेकिन लगातार कोशिश करने से आप भी मेकअप के जरिये अपनी आंखों की खूबसूरती को झटपट निखार पाएंगी।
आई मेकअप करने के कुछ घंटे बाद ही अगर पूरा मेकअप फैलने लगे तो चेहरे की रौनक खराब होने में वक्त नहीं लगता है। ऐसे में आई प्राइमर की भूमिका अहम हो जाती है। चेहरे के प्राइमर की तरह ही आंखों का प्राइमर वहां की त्वचा के टेक्सचर को बेहतर बनाकर आई मेकअप को लंबे समय तक टिकने में मदद करता है। साथ ही आई प्राइमर, आई शैडो को भी खराब होने और उस पर क्रैक पड़ने से बचाता है। आई प्राइमर को आप आई शैडो लगाने से पहले अपनी उंगलियों या फिर मेकअप ब्रश की मदद से लगा सकती हैं। मेकअप एक्सपर्ट व कंसल्टेंट सौम्या चतुर्वेदी कहती हंै, आंखों की खूबसूरती को निखारने में सही बेस की भूमिका अहम हो जाती है और आई प्राइमर बेस बनाने का ही काम करता है। आप बीबी या सीसी क्रीम में अपनी पसंद का कंसीलर मिलाकर भी आई मेकअप का बेस क्रीम या प्राइमर तैयार कर सकती हैं। इसके बाद आंखों के ऊपरी हिस्से पर पाउडर लगाएं ताकि त्वचा का तेल पूरी तरह से गायब हो जाए।
जब भी आई कंसीलर की बात आती है तो सही चुनाव करना मुश्किल हो जाता है। एक गलत धारणा यह है कि अगर आंखों के नीचे काले घेरे या दाग-धब्बे न हों तो कंसीलर की जरूरत ही नहीं पड़ती। पर, सच्चाई यह है नहीं। प्रभावी आई मेकअप के लिए हमेशा कम मात्रा में ही सही, कंसीलर का इस्तेमाल जरूर करें। इस बारे में मेकअप आर्टिस्ट भव्या कहती हैं, जब खुद से सही मेकअप करने की बात आती है तो सही रंगों का चुनाव बहुत अहम हो जाता है। सबसे पहले अपनी अंडर टोन स्किन की पहचान करें। इसमें तीन विकल्प होते हैं, पीला, नारंगी और नीला। अपने स्किन टोन के मुताबिक ही कंसीलर लगाएं और उसके बाद ऊपर से पाउडर लगाएं।
आई शैडो से आंखों की खूबसूरती सही तरीके से तभी निखरती है, जब आप उसे मेकअप करते वक्त अच्छी तरह से मिलाती हैं। आई मेकअप करते वक्त आई शैडो को सही तरीके से मिलाने पर पूरा ध्यान दें। इस बारे में मेकअप कंसल्टेंट सौम्या चतुर्वेदी कहती हैं, आई शैडो में आप कितने रंगों का चुनाव कर रही हैं, यह मायने नहीं रखता है। मुख्य बात यह है कि आप आई शैडो को अच्छी तरह से मिलाएं। बाजार में क्रीम बेस्ड और पाउउर बेस्ड आई शैडो मौजूद हैं। सबसे ज्यादा चलन में पाउडर बेस्ड आई शैडो है, क्योंकि इसे लगाना आसान होता है और लगाने के बाद इसका रंग और निखर आता है। मैट, साटेन, शिमर, पर्ली, ग्लिटरी ये सभी आई शैडो बाजार में उपलब्ध हैं और इनमें से कोई भी एक आप मौके के अनुरूप चुन सकती हैं। स्मोकी आई के लिए आप गहरे रंग का आई शैडो चुन सकती हैं। आई ब्रो को उभारने के लिए शिमर आई शैडो का प्रयोग करें। नो मेकअप लुक के लिए हमेशा हल्के ब्राउन रंग का आई शैडो इस्तेमाल करें।
बाजार में कई तरह के मेकअप ब्रश मौजूद हैं। खूबसूरत तरीके से मेकअप करने के लिए आपको सही तरीके का मेकअप ब्रश चुनना सीखना होगा। फ्लैट एप्लीकेटर ब्रश का प्रयोग पलकों पर आई शैडो लगाने के लिए किया जाता है। आप इस काम के लिए अपनी उंगली का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। इस बारे में मेकअप आर्टिस्ट भव्या कहती है, पेंसिल ब्रश का प्रयोग पलकों की ऊपरी व निचली रेखाओं और आंखों के कोनों को हाईलाइट करने के लिए किया जाता है। वहीं, ब्लेंडिंग ब्रश का इस्तेमाल आप आई शैडो को अच्छी तरह से मिलाने के लिए कर सकती हैं। फ्लैट एंगल ब्रश भी एक खास तरह का ब्रश है, जिसका इस्तेमाल आंखों के किनारे वाले हिस्से और आई ब्रो के पास वाली हड्डी को उभारने में किया जाता है।
आजकल बाजार कई तरह के आईलाइनर से भरा पड़ा है। इनमें सबसे ज्यादा चलन में लिक्विड ब्लैक आईलाइनर है। आईलाइनर खरीदते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि वह वॉटरप्रूफ हो। बाजार में पेंसिल आईलाइनर भी उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल आप आई शैडो की तरह भी कर सकती हैं। इसे लगाना लिक्विड आईलाइनर की तुलना में आसान होता है। प्रभावी इस्तेमाल के लिए अपने पेंसिल आईलाइनर को नियमित अंतराल पर नुकीला भी करें। कम वक्त में खूबसूरत आईलाइनर लगाने के लिए पेन आईलाइनर का इस्तेमाल करें।
काजल के बिना आई मेकअप पूरा नहीं होता है। आंखों की खूबसूरती निखारने में काजल की भूमिका अहम होती है। जरा-सा काजल लगाते ही आंखों की पूरी थकावट गायब हो जाती है। बाजार में ब्लू, ग्रे, ग्रीन, ब्लैक जैसे कई रंगों में काजल उपलब्ध हैं। काली व भूरी आंखों पर हरे रंग का काजल भी लगाया जा सकता है। हरे व हेजल रंगों की आंखों पर बंैगनी, हल्का भूरा, नीला व हरा रंग फबता है। अगर आपकी आंखों का रंग नीला है तो उस पर नीला काजल लगाने से बचें। काला, ग्रे या बैगनी रंग का काजल आपकी आंखों की खूबसूरती को निखारेगा।
प्रभावी आई मेकअप के लिए पलकों की सही देखभाल भी जरूरी है। मस्कारा लगाने के बाद अपनी पलकों को कर्ल करना न भूलें। इससे आपकी पलकों को आकर्षक अंदाज मिलेगा। इस बारे में मेकअप आर्टिस्ट भव्या कहती हैं, ह्यअकसर मस्कारा लगाते समय उसके फैलने का डर रहता है। इस परेशानी से बचने के लिए ऊपरी पलक पर मस्कारा लगाते समय चेहरे को ऊपर की ओर उठा लें और नीचे वाली पलक पर लगाते समय नीचे देखते हुए मस्कारा लगाएं और उसे अच्छी तरह से सूखने दें। नीचे से ऊपर तक जिग-जैग अंदाज में मस्कारा लगाएं। साथ ही एक परत के सूखने के बाद ही दूसरी परत लगाएं। मस्कारा सूखने के बाद आई लैश कॉम्ब का इस्तेमाल करें। नकली पलकों पर मस्कारा की एक परत ही काफी है।

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